डेस्क : बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर सियासी हलचल तेज है। आठ विधान परिषद सीटों के लिए 27 अक्टूबर को मतगणना शुरू हुई। इसी बीच तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से बीजेपी के उम्मीदवार नरेंद्र प्रसाद सिंह की जीत की खबर सामने आई है। हालांकि, उपलब्ध शुरुआती रिपोर्ट में उन्हें दूसरे राउंड के बाद बढ़त बनाते हुए बताया गया था। अंतिम नतीजे की आधिकारिक पुष्टि के बाद ही जीत का पूरा अंतर स्पष्ट होगा।
तिरहुत शिक्षक सीट पर BJP और CPI के बीच मुकाबला
तिरहुत शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के नरेंद्र प्रसाद सिंह का मुकाबला भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के उम्मीदवार और निवर्तमान एमएलसी संजय कुमार सिंह से था। मतगणना के दूसरे राउंड के बाद नरेंद्र प्रसाद सिंह को 1,872 वोट मिले थे, जबकि संजय कुमार सिंह को 1,713 वोट प्राप्त हुए थे। इस चरण में बीजेपी उम्मीदवार 159 वोटों से आगे चल रहे थे।
मतगणना मुजफ्फरपुर स्थित MIT के प्रशासनिक भवन में कराई गई। इस चुनाव में शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के मतों की गिनती वरीयता आधारित प्रक्रिया के तहत की गई।
बिहार की आठ MLC सीटों पर हुआ चुनाव
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की कुल आठ सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था। इन सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार चुनाव मैदान में थे। इनमें स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों के 90 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के 60 प्रत्याशी शामिल थे।
बीजेपी और जेडीयू ने एनडीए के तहत चार-चार सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। वहीं, प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी ने सभी आठ सीटों पर चुनाव लड़ा।
पटना स्नातक सीट पर भी सबकी नजर
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबला चर्चा में रहा। मोकामा के विधायक रहे अनंत सिंह ने अनुज सिंह का समर्थन किया था, जिसके बाद जेडीयू ने अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम देवी को पार्टी से निष्कासित कर दिया था।
इस सीट की मतगणना के शुरुआती रुझानों में नीरज कुमार आगे चल रहे थे। अंतिम नतीजे सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अन्य सीटों पर किस उम्मीदवार को जीत मिली।







