डेस्क : बिहार विधान परिषद चुनाव के नतीजों को लेकर मंगलवार को राजनीतिक सरगर्मी तेज रही। राज्य की आठ शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में मतगणना के दौरान दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय आगे रहे, जबकि सारण शिक्षक सीट पर बीजेपी के बागी उम्मीदवार राहुल राज की बढ़त ने जेडीयू की चिंता बढ़ा दी। इन सीटों पर आए रुझानों ने मुकाबले को दिलचस्प बना दिया है।
दरभंगा शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश राय आगे
दरभंगा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना में जन सुराज के उम्मीदवार सुरेश प्रसाद राय ने बढ़त बनाई। मतगणना से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सुरेश राय को 2,058 वोट मिले, जबकि कांग्रेस के उम्मीदवार मदन मोहन झा 1,758 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर थे। रामदेव राय 1,735 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे, वहीं जेडीयू के उम्मीदवार डॉ. घनश्याम राय को 654 वोट मिले।
इन आंकड़ों के मुताबिक, सुरेश राय और मदन मोहन झा के बीच 300 वोटों का अंतर था। हालांकि, इन रुझानों को अंतिम चुनाव परिणाम मानने से पहले आधिकारिक घोषणा की पुष्टि जरूरी है।
सारण में बीजेपी के बागी राहुल राज ने बढ़ाई चुनौती
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बीजेपी के बागी उम्मीदवार राहुल राज की बढ़त ने चुनावी मुकाबले को नया मोड़ दिया। शुरुआती रिपोर्टों में राहुल राज के आगे होने की जानकारी सामने आई थी। इस सीट पर जेडीयू के आनंद पुष्कर, जन सुराज के अफाक अहमद और आरजेडी के प्रोफेसर जयराम यादव समेत कई उम्मीदवार मैदान में थे।
बीजेपी से बगावत कर चुनाव लड़ रहे राहुल राज की स्थिति पर इसलिए भी नजर रही, क्योंकि उनके प्रदर्शन का असर जेडीयू के उम्मीदवार के चुनावी समीकरण पर पड़ सकता था। हालांकि, अंतिम नतीजे के आधार पर ही यह तय होगा कि इस मुकाबले में किस उम्मीदवार को जीत मिली।
बिहार की आठ सीटों पर हुआ था चुनाव
बिहार विधान परिषद की चार स्नातक और चार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए 23 अक्टूबर 2026 को मतदान हुआ था। इन आठ सीटों पर कुल 150 उम्मीदवार मैदान में थे। जन सुराज ने भी सभी आठ सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे।
इस चुनाव में पटना स्नातक सीट पर जेडीयू के नीरज कुमार और जन सुराज के अनुज सिंह के बीच मुकाबला भी चर्चा में रहा। जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने अनुज सिंह का समर्थन किया था, जिससे पार्टी के भीतर मतभेद की चर्चा तेज हुई थी।
नतीजों पर टिकी राजनीतिक दलों की नजर
विधान परिषद चुनाव के नतीजे केवल सीटों की संख्या तक सीमित नहीं हैं। इनसे राजनीतिक दलों को शिक्षक और स्नातक मतदाताओं के बीच अपने समर्थन का आकलन करने का अवसर भी मिलता है। दरभंगा में जन सुराज के प्रदर्शन और सारण में बागी उम्मीदवार की चुनौती ने इस चुनाव को खास बना दिया है।
