पटना: त्योहारों और आम दिनों में लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिहार सरकार के खाद्य संरक्षा विभाग ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान मिठाई दुकानों, डेयरी और रेस्टोरेंट में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के भंडारण और जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी कई खामियां सामने आईं। विभाग ने नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई करते हुए कुछ प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए और कई दुकानों को सुधार नोटिस जारी किया।
खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से 27 अक्टूबर 2026 को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, कार्रवाई धनरुआ स्थित आकाश स्वीट्स, अगमकुआं स्थित माखन भोग वर्कशॉप, बंशी लाल रेस्टोरेंट, कन्हैया डेयरी, शक्ति स्वीट्स और प्रसाद केंद्र सहित अन्य प्रतिष्ठानों में की गई।
आकाश स्वीट्स से 2060 किलो मिठाई जब्त, कीमत 3.67 लाख रुपये
पटना जिले के धनरुआ प्रखंड के देवराह टोला, हवलदारचक स्थित आकाश स्वीट्स में निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई अनियमितताएं पाई गईं। इसके बाद विभाग ने प्रतिष्ठान से कुल 2060 किलोग्राम मिठाई जब्त की। इसकी अनुमानित कीमत 3,67,600 रुपये बताई गई है।
जब्त की गई मिठाइयों में बेसन के लड्डू, मिल्क केक और खोवा शामिल हैं। इन खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
निरीक्षण के दौरान दुकान में साफ-सफाई और रखरखाव की व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिली। इसके अलावा खाद्य पदार्थों की पैकिंग और लेबलिंग, बैच नंबर, निर्माण तिथि तथा बेस्ट बिफोर की जानकारी भी उपलब्ध नहीं थी।
विभागीय टीम को कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, कीट नियंत्रण से संबंधित दस्तावेज और पानी की जांच रिपोर्ट भी नहीं मिली। इन खामियों को गंभीरता से लेते हुए प्रतिष्ठान को तत्काल प्रभाव से सात दिनों तक बंद रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही, दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया।
माखन भोग वर्कशॉप पर कार्रवाई, 180 किलो गोंद जब्त
पटना के महात्मा गांधी नगर, बीएच कॉलोनी, अगमकुआं स्थित माखन भोग वर्कशॉप में भी खाद्य संरक्षा विभाग ने निरीक्षण किया। यहां अस्वच्छता पाए जाने के बाद प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई। वर्कशॉप से 180 किलोग्राम गोंद जब्त किया गया।
इसके अलावा खोवा, लड्डू और गोंद के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।
विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्कशॉप से पेड़ा, डोडा बर्फी, मिल्क केक, खुला दूध, प्रीमियम हलवा, खोवा, बेसन, बेसन के लड्डू, कुकिंग ऑयल और चीनी भी जब्त कर नष्ट करने की कार्रवाई की गई।
इनमें शामिल प्रमुख खाद्य सामग्री का विवरण इस प्रकार है:
- 15 किलो पेड़ा
- 3.3 किलो डोडा बर्फी
- 8 किलो मिल्क केक
- 3 किलो खुला दूध
- 5 किलो प्रीमियम हलवा
- 5 किलो खोवा
- 20 किलो बेसन
- 5 किलो बेसन के लड्डू
- 30 लीटर कुकिंग ऑयल
- 50 किलो चीनी
विभाग ने इन खाद्य पदार्थों के संबंध में कार्रवाई करते हुए खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर जोर दिया।
बंशी लाल रेस्टोरेंट में बासी समोसे का आलू, इडली-वड़ा और चटनी नष्ट
पटना के बाजार समिति मेन गेट स्थित बंशी लाल रेस्टोरेंट में निरीक्षण के दौरान बासी खाद्य सामग्री पाई गई। विभागीय टीम ने मौके पर ही उसे नष्ट करा दिया।
नष्ट की गई सामग्री में तीन किलो समोसे का आलू, 50 पीस इडली और वड़ा, दो किलो सॉस तथा दो किलो चटनी शामिल थी।
निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट में कच्चे माल और तैयार खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने की उचित व्यवस्था नहीं मिली। रसोईघर में साफ-सफाई की कमी के साथ पानी की जांच रिपोर्ट और कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं थे।
इसके अलावा कीट नियंत्रण और कचरे के उचित निस्तारण की व्यवस्था में भी कमियां पाई गईं। विभाग ने यहां से अरहर दाल का नमूना लेकर जांच के लिए भेजा है।
कन्हैया डेयरी में पनीर, खोवा और लड्डू के नमूने जांच के लिए भेजे
पटना के भागवत नगर, कंकड़बाग स्थित कन्हैया डेयरी का भी निरीक्षण किया गया। विभागीय टीम ने यहां से पनीर, खोवा और बेसन के लड्डू के नमूने संग्रहित किए और उन्हें जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में कीट नियंत्रण, कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, आंतरिक एवं बाहरी ऑडिट रिपोर्ट तथा FoSTaC प्रशिक्षण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं पाए गए।
विभाग ने खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की बात कही है।
शक्ति स्वीट्स और प्रसाद केंद्र को 14 दिनों का नोटिस
पटना जंक्शन स्थित महावीर मंदिर के पास शक्ति स्वीट्स और प्रसाद केंद्र मिठाई दुकान में भी खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित कमियां सामने आईं।
शक्ति स्वीट्स में कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं थे। इसके अलावा कर्मचारी मास्क, दस्ताने और एप्रन का इस्तेमाल नहीं कर रहे थे। खाद्य सामग्री के भंडारण और उपयोग में FIFO/FEFO नियमों का पालन भी नहीं किया जा रहा था।
इसी तरह प्रसाद केंद्र मिठाई दुकान में साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। यहां भी कर्मचारियों के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र उपलब्ध नहीं थे और खाद्य सामग्री के रखरखाव में निर्धारित नियमों का उल्लंघन पाया गया।
इन अनियमितताओं को दूर करने के लिए दोनों प्रतिष्ठानों को 14 दिनों का सुधार नोटिस जारी किया गया है।
दो दर्जन से अधिक खाद्य कारोबारियों को किया गया जागरूक
खाद्य संरक्षा विभाग ने कार्रवाई के साथ जागरूकता अभियान भी चलाया। इसके तहत दो दर्जन से अधिक खाद्य प्रतिष्ठानों और पूजा-प्रसाद स्टॉल संचालकों को FSSAI के नियमों एवं प्रावधानों की जानकारी दी गई।
संचालकों को खाद्य अनुज्ञप्ति और पंजीकरण प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।
खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने की अपील
खाद्य संरक्षा विभाग ने सभी खाद्य कारोबारियों से प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने, खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण करने, कर्मचारियों के स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज उपलब्ध रखने और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों का अनिवार्य रूप से पालन करने की अपील की है।
विभाग का कहना है कि इन उपायों का उद्देश्य आम लोगों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है।







