छपरा : बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी डॉ. राहुल राज की जीत ने सबका ध्यान खींचा है। भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे राहुल राज ने टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने एनडीए समर्थित जेडीयू उम्मीदवार आनंद पुष्कर को हराकर विधान परिषद में अपनी जगह बनाई।
कौन हैं डॉ. राहुल राज?
डॉ. राहुल राज बिहार के सारण जिले के रिविलगंज प्रखंड के मुकरेड़ा गांव के रहने वाले हैं। उनकी उम्र लगभग 36 वर्ष बताई गई है। वह वर्तमान में रिविलगंज के प्रखंड प्रमुख हैं। राहुल राज शिक्षा जगत से भी जुड़े हैं और शैक्षणिक संस्थानों का संचालन करते हैं। उन्होंने कानून की पढ़ाई के साथ डॉक्टरेट की डिग्री भी हासिल की है।
राजनीति में सक्रिय रहने के साथ-साथ वह शिक्षकों के बीच पिछले कुछ वर्षों से लगातार संपर्क बनाए हुए थे। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने शिक्षकों की समस्याओं, वेतनमान और सेवा संबंधी सुविधाओं जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
बीजेपी से टिकट नहीं मिला तो निर्दलीय लड़े चुनाव
डॉ. राहुल राज पहले भारतीय जनता पार्टी से जुड़े रहे हैं और पार्टी की प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य भी रह चुके हैं। सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीट एनडीए में जेडीयू के खाते में गई। जेडीयू ने इस सीट से पूर्व एमएलसी और शिक्षक नेता केदारनाथ पांडे के बेटे आनंद पुष्कर को उम्मीदवार बनाया।
इसके बाद राहुल राज ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ने का फैसला किया। पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरने के कारण बीजेपी ने उन्हें छह साल के लिए निष्कासित कर दिया।
हालांकि, पार्टी से निष्कासन के बाद भी उन्होंने अपना चुनाव प्रचार जारी रखा और अंततः जीत हासिल की। इस चुनाव में उनका मुकाबला आनंद पुष्कर के अलावा जन सुराज के निवर्तमान एमएलसी आफाक अहमद और राजद के जयराम यादव सहित अन्य उम्मीदवारों से था।
कितने वोटों से जीते डॉ. राहुल राज?
सारण शिक्षक एमएलसी चुनाव में मतगणना के दौरान किसी भी उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के मतों से जीत के लिए जरूरी कोटा नहीं मिला। इसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गणना की गई। अंतिम परिणाम में राहुल राज विजयी घोषित हुए।
निर्वाचन परिणाम के अनुसार उम्मीदवारों को मिले मत इस प्रकार रहे:
डॉ. राहुल राज (निर्दलीय): 4,965 वोट
आनंद पुष्कर (जेडीयू/एनडीए समर्थित): 3,150 वोट
आफाक अहमद (जन सुराज): 2,454 वोट
जयराम यादव (राजद): 1,708 वोट
इस तरह राहुल राज ने आनंद पुष्कर को 1,815 मतों से हराया। उनकी जीत में शिक्षकों के बीच लगातार जनसंपर्क और स्थानीय स्तर पर बनाई गई पकड़ को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
पांच जिलों के शिक्षकों ने चुना अपना प्रतिनिधि
सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जिले शामिल हैं। इन जिलों के शिक्षक मतदाताओं ने चुनाव में हिस्सा लिया।
राहुल राज ने प्रचार के दौरान सारण से अपने जुड़ाव के साथ चंपारण से अपने पारिवारिक संबंधों का भी उल्लेख किया। उन्होंने शिक्षकों के बीच संपर्क अभियान चलाया और उनकी समस्याओं को विधान परिषद में उठाने का भरोसा दिया।
इस चुनाव में शिक्षकों के साथ व्यक्तिगत संपर्क, स्थानीय जुड़ाव और सेवा संबंधी मुद्दे प्रचार के प्रमुख विषय रहे।
शिक्षकों के लिए क्या है राहुल राज का एजेंडा?
जीत के बाद डॉ. राहुल राज ने शिक्षकों के हितों के लिए काम करने का संकल्प जताया है। उनके प्रमुख मुद्दों में शामिल हैं:
- वित्त रहित शिक्षकों को नियमित वेतन दिलाने की दिशा में पहल।
- शिक्षकों को सातवें वेतनमान का लाभ दिलाने के लिए आवाज उठाना।
- शिक्षकों की वेतन, पेंशन और सेवा संबंधी समस्याओं को विधान परिषद में उठाना।
- शिक्षा जगत से जुड़े लंबित मुद्दों के समाधान के लिए प्रयास करना।
उन्होंने शिक्षकों के समर्थन को अपनी जीत का श्रेय दिया और कहा कि शिक्षकों के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। इन मांगों पर कितना काम हो पाता है, यह आने वाले समय में उनके प्रयासों और सरकार की कार्रवाई से स्पष्ट होगा।
सारण शिक्षक सीट पर जीत क्यों है महत्वपूर्ण?
डॉ. राहुल राज की जीत इसलिए चर्चा में है क्योंकि उन्होंने किसी प्रमुख दल के आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। बीजेपी से निष्कासन के बाद भी उनकी जीत ने इस निर्वाचन क्षेत्र में स्थानीय संपर्क और शिक्षक समुदाय से जुड़े मुद्दों की भूमिका को सामने रखा है।
हालांकि, इस परिणाम से पूरे बिहार के राजनीतिक रुझान के बारे में निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा। यह चुनाव विशेष रूप से शिक्षक मतदाताओं के बीच हुआ था, जहां उम्मीदवारों के स्थानीय संपर्क और शिक्षकों की मांगें महत्वपूर्ण थीं।
