गयाजी : गया के सर्किट हाउस में हाल ही में हुई घटना के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को जिला अतिथि गृह में जिला अग्निशमन पदाधिकारी के साथ बैठक कर उन्होंने जिले में अग्निशमन सेवाओं, उपलब्ध संसाधनों, कर्मियों की तैनाती और आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने सभी सरकारी एवं गैर-सरकारी प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि आगजनी की घटनाओं में जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी सरकारी भवनों, निजी प्रतिष्ठानों और संवेदनशील संस्थानों में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता, उनकी कार्यशील स्थिति तथा सुरक्षा इंतजामों की नियमित जांच जरूरी है। उन्होंने विभाग को निर्देश दिया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पहले से प्रभावी तैयारी रखी जाए, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पांच अनुमंडलों में अग्निशमन केंद्र, 211 कर्मी कार्यरत
बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार, गया जिले के पांच अनुमंडलों में पांच अग्निशमन केंद्र स्थापित हैं। विभाग में कुल 338 कर्मियों के पद स्वीकृत हैं, जबकि वर्तमान में 211 कर्मी कार्यरत हैं। जिले में छोटी-बड़ी कुल 33 अग्निशमन गाड़ियां उपलब्ध हैं।
कर्मियों की तैनाती के संबंध में बताया गया कि बोधगया में 27, नीमचक बथानी में 29 और शेरघाटी में 30 अग्निशमन कर्मी तैनात हैं। बैठक में उपलब्ध संसाधनों के बेहतर इस्तेमाल और संवेदनशील क्षेत्रों में अग्निशमन सेवाओं को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया।
24 हॉटस्पॉट चिह्नित, 24 घंटे तैनात रहती है टीम
अग्निशमन पदाधिकारी ने बताया कि गयाजी में अग्नि सुरक्षा की दृष्टि से 24 स्थानों को हॉटस्पॉट के रूप में चिह्नित किया गया है। इन स्थानों पर छोटी अग्निशमन गाड़ियां उपलब्ध कराई गई हैं। प्रत्येक वाहन के साथ तीन कर्मियों की टीम सातों दिन 24 घंटे तैनात रहती है।
अधिकारियों के अनुसार, आग लगने की सूचना मिलने पर अग्निशमन कर्मी दो मिनट के भीतर कार्यालय से घटनास्थल के लिए रवाना हो जाते हैं। इसका उद्देश्य आग पर जल्द नियंत्रण पाना और संभावित नुकसान को कम करना है।
बोधगया में 2.47 करोड़ रुपये से बनेगा अग्निशमन भवन
बैठक में बोधगया में अग्निशमन विभाग के अपने भवन की कमी का मुद्दा भी सामने आया। फिलहाल विभाग का कार्यालय जीविका दीदियों के एक भवन में संचालित हो रहा है।
अग्निशमन पदाधिकारी ने जानकारी दी कि बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम की ओर से बोधगया में करीब 2 करोड़ 47 लाख रुपये की लागत से अग्निशमन भवन का निर्माण कराया जा रहा है। भवन के अगले दो महीने के भीतर तैयार होने की संभावना जताई गई है। इसके बनने से विभागीय कामकाज और अग्निशमन सेवाओं के संचालन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।
आग की घटनाओं को रोकने पर विशेष जोर
डॉ. प्रेम कुमार ने स्पष्ट किया कि अग्निशमन विभाग की जिम्मेदारी केवल आग लगने के बाद राहत पहुंचाना नहीं, बल्कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पहले से तैयारी करना भी है। उन्होंने सरकारी और निजी भवनों में अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन, नियमित निरीक्षण, संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता और उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया।
सर्किट हाउस की घटना के बाद दिए गए इन निर्देशों से जिले में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों को बेहतर बनाने पर जोर बढ़ा है।







