धनबाद, 08 अगस्त : धनबाद पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड और म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए देशभर में साइबर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है। दूरसंचार विभाग से मिली गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने बलियापुर और कालूबथान क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए गिरोह के 6 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड सहित कई सामान जब्त किए गए हैं। मामले की जानकारी ग्रामीण एसपी एस. मोहम्मद याकूब ने शनिवार को प्रेसवार्ता कर दी।
धनबाद पुलिस की विशेष जांच टीम ने सिंदरी एसडीपीओ के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार गिरोह का मुख्य सरगना शिवंजीत देव और उसका साथी कृष्णा राज सहित ग्रामीणों को झांसे में लेकर उनके दस्तावेज हासिल करने वाले गोविंद बाउरी और मधुसूदन बाउरी को गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, दूरसंचार विभाग के टीएएफसीओपी पोर्टल पर बलियापुर थाना क्षेत्र की एक मोबाइल दुकान के विश्लेषण के दौरान संदिग्ध गतिविधियां सामने आई थीं। जांच में पता चला कि दुकान की पीओएस मशीन का दुरुपयोग कर शीतलपुर गांव के गरीब और सीधे-साधे ग्रामीणों के नाम पर बड़ी संख्या में सिम कार्ड एक्टिवेट किए जा रहे थे।
पुलिस के मुताबिक, एक ही व्यक्ति के नाम पर 11, 14, 15 और यहां तक कि 20 सिम कार्ड बेहद कम समय में जारी किए गए थे। इन सिम कार्ड का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि गिरोह के सदस्य ग्रामीणों को पैसे और कमीशन का लालच देकर दुकान तक लाते थे। इसके बाद उनके दस्तावेजों का इस्तेमाल कर सिम कार्ड जारी करवाए जाते थे। इतना ही नहीं, उन्हीं ग्रामीणों के नाम पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र, एयरटेल पेमेंट्स बैंक और पेटीएम पेमेंट्स बैंक में म्यूल अकाउंट भी खोले जाते थे।
इन बैंक खातों से जुड़े सिम, पासबुक और एटीएम कार्ड का पूरा एक्सेस साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जांच के दौरान इन सिम कार्ड से जुड़े देशभर में दर्जनों साइबर ठगी के मामलों के एक्नॉलेजमेंट नंबर भी मिले हैं।
पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी शिवंजीत देव का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। मामले में कई अन्य लोगों को भी नामजद किया गया है और गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
ग्रामीण एसपी ने लोगों से अपील की है कि थोड़े से पैसे या कमीशन के लालच में आकर अपने नाम पर किसी दूसरे व्यक्ति को सिम कार्ड जारी न करवाने दें और न ही अपना बैंक खाता किसी को इस्तेमाल करने दें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि साइबर अपराध में अपने नाम के सिम या बैंक खाते का इस्तेमाल होने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और साइबर अपराधियों का माध्यम बनने से बचने की जरूरत है।
