पटना : लव-कुश एकता को लेकर उपेंद्र कुशवाहा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि हम लव-कुश एकता की बात करते हैं, लेकिन लव-कुश कहने से सिर्फ दो जातियों का बोध नहीं होता। यह एक व्यापक सामाजिक समीकरण है।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि पहले किए गए कई प्रयासों और समाज की ताकत का परिणाम है कि नीतीश कुमार करीब 20 वर्षों तक सत्ता में रहे और आज सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे हैं।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री बनने के बाद पंचायत और नगर निकाय में हिस्सेदारी देने जैसे कई निर्णय लिए। इससे यह संदेश गया कि नीतीश कुमार से बड़ा हितैषी लव-कुश समाज का कोई नहीं है।
‘एक हैं तो सेफ हैं’ और ‘बटेंगे तो कटेंगे’ के नारे का सकारात्मक अर्थ निकालने की बात कहते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि कुछ लोग चाहते हैं कि लव-कुश समाज आपस में लड़ जाए। अगर किसी तरह का कन्फ्यूजन है तो आपस में बैठकर उसे दूर किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि 20 वर्षों तक नीतीश कुमार जिस कुर्सी पर बैठे, आज उसी कुर्सी पर सम्राट चौधरी बैठे हैं। नीतीश कुमार को विचारधारा विरासत में मिली, जबकि कुर्सी संघर्ष से मिली है।
उपेंद्र कुशवाहा ने निशांत कुमार और दीपक प्रकाश को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उनके लिए निशांत कुमार और दीपक प्रकाश में कोई अंतर नहीं है। उन्होंने निशांत कुमार को अपना बड़ा बेटा और दीपक प्रकाश को अपना छोटा बेटा बताया।
उन्होंने कहा कि किसी को किसी तरह का कन्फ्यूजन रखने की जरूरत नहीं है। अगर किसी को कोई भ्रम है तो वह सीधे आकर उनसे बात कर सकता है।
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार को आगे बढ़ाना है। साथ ही उन्होंने कहा कि 2005 से पहले के लोग चाहते हैं कि समाज में तनाव बना रहे और किसी भी तरीके से सत्ता में वापसी हो।







