पटना : बिहार की शिक्षा व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार सरकार और Google के बीच हुए समझौते के तहत राज्य के शिक्षकों को AI से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना और कक्षा में AI के प्रभावी इस्तेमाल के लिए तैयार करना है।
शिक्षकों को Gemini और NotebookLM की ट्रेनिंग
इस पहल के तहत शिक्षकों को Google के AI टूल Gemini और NotebookLM के सुरक्षित और प्रभावी इस्तेमाल के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। शिक्षक इन टूल्स का इस्तेमाल पाठ योजना तैयार करने, शिक्षण सामग्री विकसित करने, विषय से जुड़ी जानकारी जुटाने और प्रशासनिक कार्यों को आसान बनाने में कर सकेंगे। The Times of India
सरकार और Google के बीच 29 सितंबर 2026 को हुए Statement of Intent (SOI) में AI क्षमता निर्माण के साथ डिजिटल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया है।
हिंदी और अंग्रेजी में होगी ट्रेनिंग
Google की ओर से प्रस्तावित Google AI Educator Series के माध्यम से शिक्षकों को हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण की सामग्री को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की बात कही गई है।
शिक्षकों को केवल AI से जवाब हासिल करने के बजाय इसे Teaching Assistant और Tutor के तौर पर इस्तेमाल करने के तरीके भी बताए जाएंगे। इसका उद्देश्य AI को कक्षा में शिक्षण प्रक्रिया का सहयोगी बनाना है।
विषय के हिसाब से भी मिलेगी AI की मदद
प्रशिक्षण के जरिए शिक्षकों को उनके संबंधित विषयों में AI के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। उदाहरण के लिए, विज्ञान या गणित पढ़ाने वाले शिक्षक AI की मदद से पाठ्यक्रम से जुड़े नए उदाहरण, नोट्स और अभ्यास प्रश्न तैयार कर सकेंगे। इससे शिक्षकों को विद्यार्थियों की जरूरत के अनुसार अतिरिक्त शिक्षण सामग्री तैयार करने में मदद मिल सकती है।
स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लाइब्रेरी पर भी जोर
Google के साथ सहयोग केवल शिक्षक प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। इसके तहत शिक्षकों के लिए डिजिटल पहचान और AI टूल्स तक सुरक्षित एवं व्यक्तिगत पहुंच उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम प्रस्तावित है। साथ ही ICT लैब, कनेक्टेड क्लासरूम, स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और लैंग्वेज लैब जैसे डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए तकनीकी सलाह का भी प्रावधान है।
छात्रों को भी मिलेगा फायदा
इस पूरी पहल का एक प्रमुख उद्देश्य छात्रों को भी AI के बदलते दौर के लिए तैयार करना है। शिक्षकों को AI का व्यावहारिक इस्तेमाल सिखाए जाने के बाद इसका उपयोग विद्यार्थियों की पढ़ाई, विषय समझने और सीखने के नए तरीकों को विकसित करने में किया जा सकता है।
बिहार सरकार पहले भी शिक्षकों की AI क्षमता बढ़ाने और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की बात कह चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षक दिवस के कार्यक्रम में Google के साथ समझौते के जरिए शिक्षकों को AI की ट्रेनिंग देने की जानकारी दी थी।







