पटना : बिहार विधान परिषद की पटना स्नातक सीट के चुनाव को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के भीतर शुरू हुआ अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद अब पार्टी नेतृत्व के हस्तक्षेप तक पहुंच गया है। मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह ने पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला था और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह के समर्थन का ऐलान किया था।
हालांकि, अब विवाद को शांत करने की कोशिशें तेज हो गई हैं। JDU ने वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह को दोनों नेताओं के बीच मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी दी थी। सोमवार को ललन सिंह ने बताया कि उनकी अनंत सिंह से बातचीत हुई है। उनके मुताबिक अनंत सिंह अब सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के खिलाफ बयान नहीं देंगे, लेकिन नीरज के लिए प्रचार करने पर भी उन्होंने सहमति नहीं दी है।
कैसे शुरू हुआ अनंत-नीरज विवाद?
अनंत सिंह और नीरज कुमार के बीच राजनीतिक मतभेद नया नहीं है। दोनों नेताओं की राजनीति का प्रभाव मोकामा-बरह क्षेत्र से जुड़ा रहा है। मौजूदा विवाद उस समय खुलकर सामने आया जब अनंत सिंह ने पटना स्नातक MLC चुनाव में JDU उम्मीदवार नीरज कुमार को समर्थन देने से इनकार कर दिया।
अनंत सिंह ने आरोप लगाया कि पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान नीरज कुमार ने उनके खिलाफ काम किया था। उन्होंने इसी राजनीतिक नाराजगी को लेकर नीरज कुमार के खिलाफ चुनावी मैदान में विरोध करने की बात कही थी। नीरज कुमार ने आरोपों को खारिज करते हुए पलटवार किया था और अनंत सिंह को सबूत होने पर अदालत जाने की चुनौती दी थी।
JDU प्रत्याशी के खिलाफ जन सुराज को समर्थन
विवाद उस समय और बढ़ गया जब 1 अक्टूबर को अनंत सिंह जन सुराज उम्मीदवार अनुज कुमार सिंह के नामांकन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने अनुज कुमार सिंह को अपना समर्थन देने की घोषणा की और नीरज कुमार के खिलाफ अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी।
इस घटनाक्रम ने पार्टी नेतृत्व के सामने असहज स्थिति पैदा कर दी, क्योंकि अनंत सिंह खुद JDU के विधायक हैं और नीरज कुमार उसी पार्टी के आधिकारिक उम्मीदवार हैं।
नीरज के समर्थन में उतरे निशांत कुमार
वहीं, दूसरी ओर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने नीरज कुमार के समर्थन में पार्टी कार्यकर्ताओं से चुनाव प्रचार करने की अपील की। उन्होंने नीरज कुमार को पार्टी का समर्पित और अनुभवी साथी बताया।
इससे पटना स्नातक सीट का चुनाव JDU के भीतर चल रहे इस विवाद के कारण और अधिक चर्चा में आ गया है।
ललन सिंह की मध्यस्थता से क्या निकला?
पार्टी नेतृत्व ने विवाद को सार्वजनिक टकराव में बदलने से रोकने के लिए ललन सिंह को जिम्मेदारी दी। इसके बाद ललन सिंह ने अनंत सिंह से बातचीत की। सोमवार को उन्होंने कहा कि अनंत सिंह की कुछ शिकायतें हैं, लेकिन अब वे सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के खिलाफ बयान नहीं देंगे।
इसी बीच नीतीश कुमार ने सोमवार को ललन सिंह से उनके पटना स्थित आवास पर मुलाकात की। यह मुलाकात नीरज कुमार के नामांकन से ठीक पहले हुई और इसे पार्टी के अंदर चल रहे विवाद के संदर्भ में देखा जा रहा है।
23 अक्टूबर को होना है मतदान
बिहार विधान परिषद की आठ स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की सीटों के लिए 23 अक्टूबर को मतदान होना है। पटना स्नातक सीट पर JDU की ओर से नीरज कुमार मैदान में हैं, जबकि जन सुराज ने अनुज कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है।
फिलहाल अनंत सिंह के रुख में इतना बदलाव जरूर आया है कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से नीरज कुमार के खिलाफ बयानबाजी से पीछे हटने पर सहमति जताई है। हालांकि, ललन सिंह के अनुसार वे नीरज के लिए प्रचार नहीं करेंगे। ऐसे में पटना स्नातक सीट का चुनाव JDU के लिए केवल एक चुनावी मुकाबला नहीं, बल्कि पार्टी के भीतर बने इस मतभेद की परीक्षा भी बन गया है।







