पटना : बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ी पहल होने जा रही है। राज्य के 9 शहरों में अत्याधुनिक और विश्वस्तरीय बस टर्मिनल विकसित किए जाएंगे। इन बस टर्मिनलों के डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है और अब निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है। डिजाइन स्वीकृत होने के बाद जल्द ही RFP (Request for Proposal) तैयार किया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
इन 9 शहरों में बनेंगे आधुनिक बस टर्मिनल
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) के अनुसार, जिन शहरों में आधुनिक बस टर्मिनल विकसित किए जाने हैं, उनमें शामिल हैं-
- मुजफ्फरपुर
- गया
- बिहारशरीफ
- राजगीर
- दरभंगा
- पूर्णिया
- मोतिहारी
- तारापुर
- मुंगेर
इन टर्मिनलों को यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
एयरपोर्ट जैसी मिलेंगी कई सुविधाएं
प्रस्तावित बस टर्मिनलों में यात्रियों को कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें एसी वेटिंग एरिया, डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम, स्वच्छ पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग, यात्री सहायता केंद्र और सुरक्षा व्यवस्था जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
इसके अलावा दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं, एटीएम, दीदी की रसोई और ई-वाहनों के लिए चार्जिंग स्टेशन भी विकसित किए जाने की योजना है।
पांच मंजिला होंगे प्रस्तावित बस टर्मिनल
रिपोर्ट के मुताबिक, प्रस्तावित बस टर्मिनलों को करीब पांच मंजिला स्वरूप में विकसित करने की योजना है। ग्राउंड फ्लोर पर बस पार्किंग और वर्कशॉप की व्यवस्था होगी। ऊपरी मंजिलों पर निगम कार्यालय, कैफेटेरिया, दुकानें, एसी और नॉन-एसी प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
यात्रियों के साथ बस चालकों और परिचालकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाएगा। इसके लिए डॉर्मेटरी और गेस्ट रूम के साथ महिला फीडिंग रूम जैसी सुविधाएं भी प्रस्तावित हैं। इसके अलावा बैंक्वेट हॉल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, होटल और एंटरटेनमेंट जोन विकसित करने की योजना है।
31 शहरों को मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित करने की योजना
इस व्यापक योजना के तहत बिहार के करीब 31 महत्वपूर्ण शहरों को आधुनिक परिवहन सुविधाओं से जोड़ने की तैयारी है। प्रस्तावित मॉडल में बस टर्मिनलों को मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना है।
परियोजना में सरकारी जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी निगम की होगी, जबकि निर्माण और रखरखाव में निजी भागीदारी का मॉडल अपनाया जाएगा। इससे यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधाएं मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।
यात्रियों के लिए बदल सकता है बस यात्रा का अनुभव
बिहार के प्रमुख शहरों में आधुनिक बस टर्मिनल विकसित होने से बस यात्रियों को बेहतर प्रतीक्षालय, पार्किंग, डिजिटल सूचना और अन्य यात्री सुविधाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी। फिलहाल 9 शहरों के डिजाइन को मंजूरी मिलने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण RFP और निर्माण प्रक्रिया का है।







