पटना : विकासशील इंसान पार्टी (VIP) के संरक्षक और बिहार सरकार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार को लेकर कई सवाल उठाए। पटना में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान गरीब, पिछड़े और दलित समाज के अधिकारों का महत्वपूर्ण आधार हैं। उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और संवैधानिक संस्थाओं को स्वतंत्र रखने की बात कही।
मुकेश सहनी ने आरोप लगाया कि बिहार में वोट काटने और पैसे बांटकर सरकार बनाने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठने से लोगों का लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा प्रभावित हो सकता है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
7 अक्टूबर को प्रखंड स्तर पर आक्रोश मार्च
सहनी ने बताया कि इंडिया गठबंधन के तय कार्यक्रम के तहत 7 अक्टूबर को बिहार के सभी प्रखंडों में आक्रोश मार्च निकाला जाएगा। इसमें गठबंधन के नेता और कार्यकर्ता चुनाव आयोग, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध दर्ज कराएंगे।
8 अक्टूबर को जिला मुख्यालयों पर धरना
उन्होंने कहा कि 8 अक्टूबर को सभी जिला मुख्यालयों पर महागठबंधन के घटक दल धरना देंगे। वहीं पटना में गठबंधन के नेता राजभवन तक मार्च करेंगे।
संविधान की रक्षा को लेकर आंदोलन की बात
मुकेश सहनी ने कहा कि बिहार लोकतांत्रिक और जन आंदोलनों की धरती रहा है। उन्होंने कहा कि अगर संविधान से छेड़छाड़ की कोशिश होती है तो विपक्षी दल जनता और युवाओं के साथ मिलकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेंगे।
रोजगार और महंगाई का भी उठाया मुद्दा
सहनी ने केंद्र सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई और गरीबों की समस्याओं को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में बड़ी संख्या में लोग रोजगार और बेहतर जीवन की तलाश में हैं। सरकार को रोजगार, शिक्षा और आर्थिक समस्याओं पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
संविधान को बताया सर्वोपरि
अपने पूर्व के बयान को लेकर पूछे गए सवाल पर सहनी ने कहा कि उनकी भावना संविधान और लोकतंत्र की रक्षा से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर के संविधान के कारण गरीब, पिछड़े और वंचित समाज के लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में भागीदारी का अवसर मिला है। इसलिए संविधान उनके लिए सर्वोपरि है।
विधान परिषद चुनाव में धनबल का मुद्दा उठाया
विधान परिषद चुनाव को लेकर सहनी ने कहा कि चुनाव लड़ना सभी दलों का लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीति में पैसे का प्रभाव बढ़ने से चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। शिक्षक, स्नातक और जनप्रतिनिधियों से जुड़े चुनावों में धनबल के प्रभाव को उन्होंने लोकतांत्रिक मूल्यों के लिए चिंता का विषय बताया।
राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी एकजुटता की बात
मुकेश सहनी ने कांग्रेस को राष्ट्रीय पार्टी बताते हुए कहा कि इंडिया ब्लॉक उसके नेतृत्व में लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल राहुल गांधी के नेतृत्व में एकजुट होकर लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों को उठाते रहेंगे।







