पटना : प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत बिहार में लाखों परिवारों को पक्का घर देने की प्रक्रिया जारी है। योजना से छूटे हुए पात्र परिवारों को वेटिंग लिस्ट में शामिल किया जा रहा है। इसके लिए 27 सितंबर को राज्यभर में ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया था। ग्राम सभाओं के बाद करीब 8,012 ग्राम पंचायतों की नई सूची को अप्रूवल मिल चुका है।
अब भी कई अन्य ग्राम पंचायतों में सूची के अप्रूवल की प्रक्रिया चल रही है। ग्राम सभा से पास की गई सूची को अपीलीय समिति की ओर से अंतिम रूप दिया जा रहा है। माना जा रहा है कि 31 अक्टूबर तक यह पूरी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद केंद्र सरकार से मिले नए लक्ष्य का जिलावार, प्रखंडवार और पंचायतवार आवंटन किया जाएगा।
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के मुताबिक, लंबित आवासों से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने की तैयारी है। इसे लेकर जिलों और प्रखंडों में लगातार समीक्षा बैठकें की जा रही हैं। वेटिंग लिस्ट की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पंचायत स्तर तक आवास का लक्ष्य आवंटित कर दिया जाएगा।
अब तक बिहार में प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत 42 लाख से ज्यादा घरों का निर्माण हो चुका है। हालांकि, 6 लाख से अधिक आवास के मामले अभी लंबित बताए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से इन लंबित आवासों को पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के तहत करीब 3 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है।
योजना के तहत लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है। वहीं, जिन भूमिहीन परिवारों के पास घर बनाने के लिए जमीन नहीं है, उनके लिए भी सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है। जमीन खरीदने के लिए करीब 1 लाख रुपये तक की सहायता राशि दिए जाने का प्रावधान है। नई वेटिंग लिस्ट और पंचायतवार लक्ष्य आवंटित होने के बाद बड़ी संख्या में छूटे हुए परिवारों को अपना पक्का घर मिलने की उम्मीद है।







