पटना : पटना नगर निगम ने संपत्ति कर संग्रह के मामले में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर तक निगम ने संपत्ति कर के रूप में कुल 80.79 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है। यह पिछले वित्तीय वर्ष की समान अवधि में प्राप्त 56.28 करोड़ रुपये की तुलना में करीब 43.6 प्रतिशत अधिक है। यानी निगम को पिछले साल के मुकाबले इस बार 24.52 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिला है।
नगर निगम की इस उपलब्धि के पीछे डोर-टू-डोर अभियान, संपत्ति कर भुगतान के प्रति लोगों को जागरूक करने और वार्ड स्तर पर लगाए जा रहे विशेष शिविरों को अहम वजह माना जा रहा है।
19 हजार से अधिक होल्डिंग्स से बढ़ा राजस्व
पटना नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1 अप्रैल से 31 अक्टूबर तक कुल 1,55,260 होल्डिंग्स से संपत्ति कर प्राप्त हुआ था। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष में इसी अवधि के दौरान यह संख्या बढ़कर 1,74,363 हो गई है। इस तरह पिछले साल की तुलना में 19,103 अधिक होल्डिंग्स से संपत्ति कर का भुगतान प्राप्त हुआ है।
अक्टूबर में 1,398 नई संपत्तियां कर के दायरे में
नगर निगम ने अक्टूबर महीने में 1,398 नई संपत्तियों का कर निर्धारण किया है। इसमें सबसे आगे पाटलिपुत्र अंचल रहा, जहां 389 संपत्तियों का कर निर्धारित किया गया।
अंचलवार आंकड़े इस प्रकार हैं:
– पाटलिपुत्र अंचल – 389 संपत्तियां
– अजीमाबाद अंचल – 279 संपत्तियां
– कंकड़बाग अंचल – 266 संपत्तियां
– नूतन राजधानी अंचल – 234 संपत्तियां
– बांकीपुर अंचल – 134 संपत्तियां
– पटना सिटी अंचल – 96 संपत्तियां
दिवाली से पहले चार वार्डों में लगेंगे संपत्ति कर शिविर
संपत्ति कर भुगतान को आसान बनाने के लिए पटना नगर निगम ने चार वार्डों में विशेष शिविर लगाने का फैसला किया है। इन शिविरों में नागरिकों को अपने वार्ड में ही संपत्ति कर से जुड़ी विभिन्न सेवाएं मिलेंगी।
2 नवंबर से 4 नवंबर 2026 तक:
– वार्ड 46: पार्षद कार्यालय, कंकड़बाग अंचल
– वार्ड 22: पार्षद कार्यालय, राजापुल, पाटलिपुत्र अंचल
5 नवंबर से 7 नवंबर 2026 तक:
– वार्ड 55: कुशवाहा पंचायत बैठका, चक पर, कंकड़बाग अंचल
– वार्ड 26: पार्षद कार्यालय, दक्षिणी मंदिरी, पाटलिपुत्र अंचल
शिविरों में मिलेंगी संपत्ति कर से जुड़ी सभी सुविधाएं
पटना नगर निगम के इन विशेष शिविरों में आम नागरिक संपत्ति कर भुगतान के अलावा नया कर निर्धारण, कर पुनर्निर्धारण और पीआईडी (प्रॉपर्टी आइडेंटिफिकेशन नंबर) से संबंधित सेवाओं का लाभ उठा सकेंगे।
नगर निगम की ओर से चलाए जा रहे डोर-टू-डोर संपर्क अभियान और वार्डवार शिविरों का उद्देश्य अधिक से अधिक संपत्तियों को कर के दायरे में लाना और नागरिकों को कर भुगतान की प्रक्रिया आसान बनाना है। निगम के इस अभियान से राजस्व संग्रह में लगातार सुधार देखने को मिल रहा है।







