पटना : बिहार में औद्योगिक विकास, पर्यटन और आधारभूत संरचना को नई गति देने की दिशा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने केंद्र सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। मंगलवार को नई दिल्ली में मुख्यमंत्री ने केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात की। इस दौरान गयाजी में चिड़ियाघर निर्माण, भीमबांध में ईको टूरिज्म के विकास और वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने सहित कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने बिहार में उपलब्ध बंजर वन भूमि का नियमानुसार औद्योगिक एवं विकासात्मक कार्यों में उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाते हुए इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
गयाजी में 45.9 हेक्टेयर में बनेगा चिड़ियाघर
बैठक में गयाजी में चिड़ियाघर निर्माण का प्रस्ताव प्रमुखता से उठाया गया। इसके लिए 45.9 हेक्टेयर वन भूमि के अपयोजन और केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण (CZA) से आवश्यक मंजूरी प्राप्त करने पर चर्चा हुई। इस परियोजना के पूरा होने से गयाजी में पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
जमुई में सौर ऊर्जा और स्टील उद्योग की तैयारी
जमुई जिले में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए सौर ऊर्जा और इस्पात उद्योगों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया। इन परियोजनाओं के लिए कुल 9,000 एकड़ जमीन की आवश्यकता बताई गई है, जिसमें से 4,340 एकड़ वन भूमि के अपयोजन की स्वीकृति मांगी गई है।
इस परियोजना के माध्यम से जमुई में औद्योगिक गतिविधियों को विस्तार देने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की योजना है।
डोभी में बनेगा इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर
गयाजी जिले के डोभी में अमृतसर-कोलकाता औद्योगिक गलियारे के तहत इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसके लिए कुल 1,600 एकड़ जमीन की जरूरत है, जिसमें 1,308.72 एकड़ वन भूमि के अपयोजन का प्रस्ताव शामिल है।
इस क्लस्टर के विकसित होने से बिहार में बड़े औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर
पश्चिम चंपारण स्थित वाल्मीकि टाइगर रिजर्व में मदनपुर-पनियहवा मार्ग को विकसित करने की योजना पर भी विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत 5.8 किलोमीटर लंबे मार्ग की मरम्मत के साथ इसे एलिवेटेड कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया।
इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में आवागमन को बेहतर बनाने के साथ वन्यजीवों की सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखना है।
भीमबांध में विकसित होगा ईको टूरिज्म
मुंगेर जिले के भीमबांध क्षेत्र में ईको टूरिज्म की संभावनाओं को विकसित करने का प्रस्ताव भी बैठक में शामिल रहा। सरकार यहां पर्यटन सुविधाओं का विस्तार कर क्षेत्र को एक बेहतर पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए जरूरी वैधानिक और पर्यावरणीय स्वीकृतियां प्राप्त करने पर चर्चा की गई।
इसके अलावा मुंगेर जिले के तारापुर अनुमंडल के संग्रामपुर में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके लिए कुल 114 एकड़ जमीन में से 84 एकड़ जंगल-झाड़ भूमि के अपयोजन की स्वीकृति मांगी गई है।
पर्यावरण संरक्षण के साथ विकास पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सभी परियोजनाओं को प्रतिपूरक वनीकरण (Compensatory Afforestation) और निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए आगे बढ़ाया जाएगा।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री से सभी प्रस्तावों का शीघ्र परीक्षण करने और नियमानुसार आवश्यक स्वीकृतियों की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से बिहार में औद्योगिक निवेश बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और पर्यटन एवं आधारभूत संरचना को भी नई मजबूती मिलेगी।







