डेस्क : बिहार में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने कई अहम परियोजनाओं को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के बीच हुई मुलाकात में राज्य की महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस दौरान प्रस्तावित विक्रमशिला-कटरिया रेल लाइन के तहत गंगा नदी पर रेल-सह-सड़क पुल बनाने के प्रस्ताव पर भी सहमति बनी।
गया के औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगी रेल कनेक्टिविटी
बैठक में गया में विकसित हो रहे इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) को बेहतर रेल सुविधा उपलब्ध कराने का मुद्दा प्रमुखता से उठा। इस पर रेल मंत्री ने कहा कि यदि राज्य सरकार आवश्यक भूमि अधिग्रहण सुनिश्चित करती है, तो रेलवे डोभी-चतरा रेल लाइन से गयाजी के औद्योगिक क्षेत्र तक नई संपर्क रेल लाइन बिछाने के लिए तैयार है।
इससे औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल मंगाने और तैयार उत्पादों को दूसरे राज्यों तक पहुंचाने में सहूलियत होगी। साथ ही क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बिहटा-औरंगाबाद समेत कई रेल परियोजनाओं पर चर्चा
मुख्यमंत्री और रेल मंत्री के बीच बिहटा-औरंगाबाद तथा सुल्तानगंज-कटोरिया रेल लाइन परियोजनाओं में तेजी लाने को लेकर भी बातचीत हुई। दोनों परियोजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कार्रवाई में तेजी लाने पर जोर दिया गया।
वहीं, सीतामढ़ी और अयोध्या के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने के प्रस्ताव पर भी रेल मंत्री ने सहमति जताई। इससे बिहार और उत्तर प्रदेश के बीच यात्रियों को तेज और सुविधाजनक रेल सेवा मिलने की उम्मीद है।
दिवाली-छठ पर बिहार के लिए चलेंगी 15 हजार ट्रेनें
बैठक में आगामी दिवाली और छठ महापर्व के दौरान बिहार आने-जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ का मुद्दा भी उठाया गया। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री से त्योहारों के अवसर पर अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया।
इस पर अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सामान्य तौर पर संचालित लगभग 12 हजार ट्रेनों की तुलना में दिवाली और छठ के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए करीब 15 हजार ट्रेनों के संचालन की व्यवस्था की गई है।
प्रकाश पर्व पर भी चलेंगी अतिरिक्त ट्रेनें
जनवरी 2027 में पटना साहिब में आयोजित होने वाले गुरु गोविंद सिंह जी महाराज के 360वें प्रकाश पर्व को लेकर भी रेलवे ने विशेष तैयारी का भरोसा दिया है। इसके तहत 9 से 16 जनवरी के बीच बिहार के लिए अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाएंगी।
इससे देश के विभिन्न हिस्सों से पटना साहिब पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इन प्रस्तावों और फैसलों से बिहार में रेल नेटवर्क, औद्योगिक परिवहन और धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
