डेस्क : बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दिल्ली से पटना लौटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की। करीब 20 मिनट तक चली इस मुलाकात के बाद बाहर निकले सम्राट चौधरी ने कहा कि वे प्रधानमंत्री की ओर से नीतीश कुमार को बधाई देने पहुंचे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीतीश कुमार ने जिन मुद्दों को उठाया और बिहार के विकास के जो सपने देखे, उन्हें पूरा करने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के सुशासन की परंपरा को आगे बढ़ाया जा रहा है। दिल्ली दौरे के दौरान बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं और केंद्र सरकार के कई मंत्रियों से भी उनकी मुलाकात हुई। इस दौरान बिहार के विकास, औद्योगिक विस्तार, बाढ़ नियंत्रण और रेल सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
गाद नीति से बाढ़ की समस्या दूर करने की पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में गाद नीति का निर्माण किया गया है। नीतीश कुमार ने इस विषय को बार-बार उठाया था। अब सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। केंद्र सरकार के साथ विभिन्न नदियों से करीब चार लाख क्यूबिक मीटर गाद निकालने को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि इस पहल से बिहार में बाढ़ की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही नदियों के कारण खेतों की उपजाऊ मिट्टी के कटाव को रोकने में भी मदद मिलेगी। पथ परिवहन विभाग के स्तर पर भी इस संबंध में समझौता किया गया है, जिससे बाढ़ की स्थिति में राज्य को लाभ मिल सकेगा।
छठ पर ज्यादा स्पेशल ट्रेनें चलाने का आग्रह
सम्राट चौधरी ने बताया कि रेल मंत्री से मुलाकात के दौरान आगामी छठ महापर्व को लेकर विशेष ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष 10 हजार से अधिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई थीं। इस बार इससे भी अधिक ट्रेनें चलाने का अनुरोध किया गया है, ताकि बिहार आने वाले यात्रियों को परेशानी न हो।
मुख्यमंत्री ने अयोध्या से सीतामढ़ी के बीच सीधी रेल सेवा शुरू करने का प्रस्ताव भी रखा है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या को माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी से जोड़ने की दिशा में पहल की जा रही है। इसके लिए रेल मंत्री से आग्रह किया गया है।
गया में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, मुजफ्फरपुर-दरभंगा के लिए भी प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि गया में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) के तहत औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर और दरभंगा में भी इसी तरह की व्यवस्था विकसित करने का प्रस्ताव केंद्र के सामने रखा गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन प्रस्तावों को भी जल्द सहमति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि बिहार में एक हजार से अधिक औद्योगिक इकाइयों को जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। राज्य में डेटा सेंटर भी बनकर तैयार हो गया है। सरकार का लक्ष्य बिहार में निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए केंद्र से मांगी मदद
सम्राट चौधरी ने बताया कि पर्यावरण संबंधी परियोजनाओं को लेकर केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से भी मुलाकात हुई। बिहार में बन रहे औद्योगिक कॉरिडोर के लिए जल्द पर्यावरणीय मंजूरी देने का आग्रह किया गया है।
इसके साथ ही राज्य में इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए भी केंद्र से सहयोग मांगा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के कई राज्यों में इको टूरिज्म की दिशा में काम हो रहा है। बिहार में भी इसकी शुरुआत होनी चाहिए। सरकार इस क्षेत्र में नई संभावनाओं को विकसित करने के लिए प्रयासरत है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में विकास की रफ्तार तेज करने, बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने, उद्योगों को बढ़ावा देने और रेल कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर लगातार काम कर रही है।
