Home राज्य पीएम राहत योजना को लेकर पटना में राज्यस्तरीय कार्यशाला, सड़क हादसे के...

पीएम राहत योजना को लेकर पटना में राज्यस्तरीय कार्यशाला, सड़क हादसे के घायलों को 1.50 लाख रुपये तक मिलेगा कैशलेस इलाज

0

पटना : बिहार में सड़क दुर्घटना के घायलों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर बुधवार को पटना के अधिवेशन भवन में राज्यस्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस, स्वास्थ्य, परिवहन विभाग और आयुष्मान भारत से संबद्ध अस्पतालों के प्रतिनिधियों को योजना के प्रावधानों और निर्धारित प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

कार्यशाला का उद्घाटन पुलिस महानिदेशक, संचार एवं तकनीकी सेवाएं अमित लोढ़ा, परिवहन सचिव राज कुमार और राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने किया। इस दौरान पटना जिले के विभिन्न थानों के थाना प्रभारी, यातायात पुलिस पदाधिकारी, डायल-112 के अधिकारी, स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी और आयुष्मान भारत से इम्पैनल्ड अस्पतालों के प्रतिनिधि शामिल हुए।

सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज

कार्यशाला में राज्य परिवहन आयुक्त आरिफ अहसन ने बताया कि पीएम राहत योजना के तहत सड़क दुर्घटना में घायल पात्र व्यक्तियों को अधिकतम सात दिनों तक 1.50 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य दुर्घटना के बाद शुरुआती महत्वपूर्ण समय में घायलों को बिना आर्थिक परेशानी के जरूरी चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है।

गोल्डेन ऑवर में इलाज से बचाई जा सकती है जान

स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि ने कहा कि सड़क दुर्घटनाएं राज्य के सामने एक बड़ी चुनौती हैं। दुर्घटना के बाद गोल्डेन ऑवर यानी पहले एक घंटे के भीतर घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाना बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान त्वरित उपचार मिलने से बड़ी संख्या में लोगों की जान बचाई जा सकती है।

उन्होंने कहा कि पीएम राहत योजना को सफल बनाने में अस्पतालों और पुलिस की भूमिका अहम है। सभी अस्पतालों से सड़क दुर्घटना के घायलों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने और योजना के प्रति संवेदनशीलता के साथ काम करने की अपील की गई। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम राहत से संबद्ध अस्पतालों की जानकारी आम लोगों को आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए और ऐसे अस्पतालों की लोकेशन गूगल मैप पर भी प्रदर्शित होनी चाहिए।

अस्पतालों में लगेंगे बोर्ड, हाईवे पर होंगी होर्डिंग

परिवहन सचिव राज कुमार ने कहा कि योजना का लाभ जरूरतमंद दुर्घटना पीड़ितों तक बिना किसी अनावश्यक देरी के पहुंचना चाहिए। इसके लिए परिवहन, स्वास्थ्य और पुलिस विभाग के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।

उन्होंने बताया कि पीएम राहत योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए सभी संबंधित अस्पतालों में योजना से जुड़े सूचना बोर्ड लगाए जाएंगे। इसके अलावा हाईवे के किनारे होर्डिंग लगाकर आम लोगों को योजना के प्रावधानों और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी।

डायल-112 से लेकर TMS 2.0 पोर्टल तक की दी गई जानकारी

कार्यशाला में सड़क दुर्घटना पीड़ितों को सहायता उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा हुई। पुलिस उप महानिरीक्षक रामा शंकर राय ने ERSS (डायल-112) की भूमिका और जिम्मेदारियों पर प्रस्तुतीकरण दिया।

वहीं, रोड सेफ्टी से जुड़े राजीव कुमार ने TMS 2.0 पोर्टल के माध्यम से दुर्घटना पीड़ितों के पंजीकरण की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही पुलिस सत्यापन, iRAD/eDAR प्रणाली और दुर्घटना पीड़ितों के इलाज एवं क्लेम की प्रक्रिया में संबंधित विभागों की भूमिका समझाई गई।

स्वास्थ्य विभाग की ओर से अस्पतालों की जिम्मेदारियों, कैशलेस उपचार और क्लेम प्रक्रिया की जानकारी दी गई। कार्यशाला में पंजीकरण, सत्यापन और उपचार के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं पर भी चर्चा हुई तथा उनके समाधान के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने विचार-विमर्श किया।

इस अवसर पर डीआईजी यातायात सुशांत सरोज, परिवहन विभाग के अपर सचिव प्रवीण कुमार, यातायात पुलिस के सागर कुमार सहित पुलिस, स्वास्थ्य और परिवहन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Check Also
राज्य

बिहार में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार! 10 महीने में 6,104 गिरफ्तार, 46 हजार किलो से ज्यादा गांजा जब्त

Exit mobile version