- VB-G RAM G मिशन के तहत योजनाओं की संख्या 1.5 लाख से बढ़ाकर 3 लाख करने का लक्ष्य, ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी
पटना : बिहार के गांवों की तस्वीर बदलने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी कार्ययोजना तैयार की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी VB-G RAM G के तहत गांवों के समग्र विकास के लिए 22 हजार करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं को शामिल करने का निर्देश दिया है। उन्होंने मिशन के तहत अब तक स्वीकृत 1.5 लाख योजनाओं की संख्या बढ़ाकर 3 लाख करने को कहा है।
गुरुवार को लोक सेवक आवास स्थित ‘संकल्प’ सभागार में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मिशन की समीक्षा बैठक हुई। इसमें ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन, आधारभूत संरचनाओं के विकास और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांवों की बुनियादी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
साल में 125 दिन रोजगार, 15 दिनों में मजदूरी भुगतान
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मिशन के तहत ग्रामीण परिवारों को साल में 125 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलेगी। साथ ही काम पूरा होने के बाद 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मिशन के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच 60:40 के अनुपात में वित्त पोषण की व्यवस्था होगी।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की उपलब्धता बढ़ाने के साथ आजीविका के साधनों को मजबूत करना और गांवों का संतुलित विकास सरकार की प्राथमिकता है।
आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण पर खर्च होंगे 12 लाख रुपये
मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केंद्रों के निर्माण को लेकर विशेष निर्देश दिए। इसके तहत एक आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण पर 12 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त दो लाख रुपये केंद्र की साज-सज्जा, पठन-पाठन सामग्री और फर्नीचर जैसी सुविधाओं पर खर्च किए जाएंगे।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में अतिरिक्त कमरों की आवश्यकता है, वहां नए क्लासरूम का निर्माण कराया जाए। इसके अलावा ग्रामीण हाट, स्वास्थ्य केंद्र और विद्यार्थियों के लिए खेल मैदान जैसी सुविधाओं के विकास पर भी तेजी से काम किया जाए।
जल संरक्षण और ग्रामीण बुनियादी ढांचे पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने मिशन के तहत चार प्रमुख क्षेत्रों में योजनाएं संचालित करने पर जोर दिया। इनमें जल सुरक्षा, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्द्धन और आपदा प्रबंधन शामिल हैं।
उन्होंने नहरों, जलाशयों और अन्य जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार एवं मरम्मत को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। साथ ही भू-जल स्तर बनाए रखने और भविष्य की जल जरूरतों को पूरा करने के लिए जल संचयन के कार्यों को तेज करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप वृक्षारोपण और वनीकरण का काम पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण और पौधारोपण के कार्यों को आपस में जोड़कर आगे बढ़ाया जाए।
योजनाओं की निगरानी करेंगे जिलाधिकारी
मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य के सभी गांवों में मूलभूत सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए विकास योजनाओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाए। इसके लिए जिलाधिकारी नियमित रूप से योजनाओं की निगरानी करेंगे।
उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीक के अधिकाधिक इस्तेमाल, पारदर्शिता और सामाजिक अंकेक्षण को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया। साथ ही आम लोगों की शिकायतों का त्वरित निवारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के निर्माण और विकास को भी प्राथमिकता देने को कहा। उन्होंने अधिकारियों से मिशन के सभी प्रावधानों को प्रभावी ढंग से लागू करने की अपील की, ताकि ग्रामीण परिवारों के जीवन स्तर में सुधार हो और विकसित बिहार के लक्ष्य को मजबूती मिले।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेन्द्र प्रसाद यादव, भवन निर्माण मंत्री लेशी सिंह, शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव सीके अनिल, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव एचआर श्रीनिवास सहित विभिन्न विभागों के प्रधान सचिव, सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।







