डेस्क : पटना के विकास और नागरिक सुविधाओं को लेकर नगर निगम ने कई अहम फैसले लिए हैं। शनिवार, 7 नवंबर 2026 को पटना नगर निगम पर्षद की 13वीं साधारण बैठक संपन्न हुई। महापौर सीता साहू की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में कुल 19 एजेंडों को स्वीकृति प्रदान की गई। बैठक में उप महापौर रेशमी कुमारी, नगर आयुक्त यशपाल मीणा समेत निगम पर्षद के सदस्य मौजूद रहे।
बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन, वेंडिंग जोन का निर्माण, निगम की संपत्तियों के विकास और छठ महापर्व से जुड़ी परियोजनाओं सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई और प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
पटना में सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के तहत दो एजेंसियों के चयन की रूपरेखा को मंजूरी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक एजेंसी को तीन-तीन अंचलों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। एजेंसियां डोर-टू-डोर कचरा उठाव, कचरे का पृथक्करण, प्रोसेसिंग प्लांट तक परिवहन, सड़क और गलियों की सफाई के साथ गार्बेज वल्नरेबल प्वाइंट की सफाई भी करेंगी।
इस व्यवस्था में वर्तमान में सफाई कार्यों में लगे करीब 9,600 कर्मचारियों को चयनित एजेंसियों के पे-रोल पर रखना अनिवार्य होगा। निगम का दावा है कि नई व्यवस्था से सफाई कार्यों की निगरानी बेहतर होगी और श्रम कानूनों के अनुरूप कर्मचारियों को वेतन एवं अन्य सुविधाएं मिल सकेंगी। साथ ही कचरा प्रबंधन पर सालाना 30 करोड़ रुपये से अधिक की बचत का अनुमान है।
बैठक में म्यूनिसिपल बॉन्ड से जुटाई गई करीब 200 करोड़ रुपये की राशि के इस्तेमाल को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसला हुआ। इसके तहत पटना के 15 स्थलों पर वेंडिंग जोन और वाणिज्यिक परिसरों का निर्माण कराया जाएगा। इसके लिए एनबीसीसी (इंडिया) लिमिटेड के साथ करार करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।
इस परियोजना से फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित जगह मिलेगी। वहीं, वाणिज्यिक परिसरों के निर्माण से नगर निगम की संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल और राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है।
श्रीकृष्णापुरी और राजेंद्र नगर में नगर निगम की लीज पर आवंटित संपत्तियों के निर्माण से जुड़ी शर्तों में भी बदलाव किया गया है। इन संपत्तियों पर अधिकतम G+3 निर्माण की अनिवार्य सीमा हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। हालांकि, निर्माण कार्य अन्य लागू भवन उपविधियों और कानूनी प्रावधानों के अनुरूप ही करना होगा।
इसके अलावा बैठक में बोरिंग अधिष्ठापन, म्यूनिसिपल बॉन्ड की कूपन दर और छठ महापर्व से जुड़ी परियोजनाओं को भी स्वीकृति दी गई।
कुल मिलाकर नगर निगम की इस बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था से लेकर व्यापारिक गतिविधियों और आधारभूत सुविधाओं के विकास तक कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। अब इन प्रस्तावों के जमीन पर उतरने के बाद राजधानी पटना में नागरिक सुविधाओं और शहरी व्यवस्था में क्या बदलाव आता है, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।







