पटना/बाढ़ : बिहार के मोकामा विधायक अनंत सिंह इन दिनों राजनीतिक और कानूनी मुश्किलों से घिरे हुए हैं। इस बीच उनके पैतृक गांव नदवां में उनकी सलामती और परिवार पर आई परेशानियों को दूर करने के लिए विशेष धार्मिक अनुष्ठान शुरू किया गया है। गांव में अखंड रामचरितमानस और सुंदरकांड का पाठ किया जा रहा है। इस आयोजन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, शनिवार से शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन में 108 ग्रामीण बारी-बारी से सुंदरकांड का पाठ कर रहे हैं। वहीं, रामचरितमानस का अखंड पाठ भी किया जा रहा है। ग्रामीण भगवान श्रीराम और हनुमान जी से प्रार्थना कर रहे हैं कि अनंत सिंह और उनके परिवार पर आए संकट जल्द दूर हों और उनके जीवन में सुख-शांति बनी रहे।
चार दिनों तक चलेगा धार्मिक अनुष्ठान, रोजाना भंडारे की व्यवस्था
नदवां गांव में आयोजित यह धार्मिक कार्यक्रम चार दिनों तक चलेगा। 10 नवंबर को अनुष्ठान का समापन होगा। अंतिम दिन पूजा-पाठ के बाद प्रसाद वितरण किया जाएगा। खास बात यह है कि आयोजन के दौरान प्रतिदिन भंडारे की व्यवस्था भी की गई है। पाठ में शामिल श्रद्धालुओं के साथ-साथ ग्रामीणों के लिए भी भोजन का प्रबंध किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि अनंत सिंह पर आई विपत्ति केवल उनकी व्यक्तिगत परेशानी नहीं है, बल्कि इसका असर पूरे गांव पर पड़ता है। इसी भावना के साथ गांव के लोग एकजुट होकर धार्मिक अनुष्ठान कर रहे हैं।
ग्रामीण बोले- अनंत सिंह पर आई विपत्ति पूरे गांव की परेशानी
इस आयोजन को लेकर ग्रामीण रमाशंकर सिंह ने कहा कि विधायक अनंत सिंह पर जो विपत्ति आई है, वह पूरे गांव के लिए परेशानी की बात है। उनके कल्याण और संकटों को दूर करने के उद्देश्य से अखंड रामचरितमानस और सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया है।
वहीं, ग्रामीण रामकुमार ने कहा कि यह आयोजन नदवां गांव के कल्याण और शांति के लिए भी किया जा रहा है। अनंत सिंह पर आए संकट के समय गांव के सभी लोग एकजुट हैं और भगवान से उनके परिवार की सुख-शांति की कामना कर रहे हैं।
क्यों बढ़ी हैं अनंत सिंह की मुश्किलें?
दरअसल, मोकामा विधायक अनंत सिंह पिछले कुछ दिनों से लगातार राजनीतिक और कानूनी कारणों से सुर्खियों में हैं। हाल ही में बिहार विधान परिषद चुनाव के दौरान उन्होंने अपनी पार्टी जेडीयू के अधिकृत प्रत्याशी नीरज कुमार के बजाय जन सुराज समर्थित उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन किया था। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने इसे पार्टी विरोधी गतिविधि मानते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई की।
जेडीयू ने अनंत सिंह की प्राथमिक सदस्यता समाप्त करते हुए उन्हें छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया। उनकी पत्नी और पूर्व विधायक नीलम देवी पर भी पार्टी ने छह साल के निष्कासन की कार्रवाई की है।
दुलारचंद यादव हत्याकांड में भी कानूनी मुश्किलें
अनंत सिंह की मुश्किलें केवल राजनीतिक मोर्चे तक सीमित नहीं हैं। दुलारचंद यादव हत्याकांड मामले में भी उनकी कानूनी परेशानी बढ़ गई है। सुप्रीम कोर्ट ने पटना हाईकोर्ट के जमानत आदेश को अगली सुनवाई तक निलंबित करते हुए अनंत सिंह को 4 दिसंबर 2026 तक या उससे पहले संबंधित जांच अधिकारी के सामने आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा, जेडीयू की शिकायत के बाद बिहार विधानसभा अध्यक्ष की ओर से भी उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। ऐसे में उनकी राजनीतिक स्थिति और विधानसभा सदस्यता को लेकर भी चर्चा तेज है।
10 नवंबर को होगा पाठ का समापन
राजनीतिक और कानूनी चुनौतियों के बीच नदवां गांव में हो रहा यह धार्मिक आयोजन चर्चा का विषय बना हुआ है। गांव के लोग अनंत सिंह और उनके परिवार की सलामती के लिए सामूहिक रूप से प्रार्थना कर रहे हैं। अब 10 नवंबर को होने वाले समापन कार्यक्रम पर लोगों की नजरें टिकी हैं।







