Home क्राइम न्यूज़ साइबर ठगी के संगठित गिरोह का खुलासा, चार आरोपित गिरफ्तार

साइबर ठगी के संगठित गिरोह का खुलासा, चार आरोपित गिरफ्तार

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धनबाद, 10 अगस्त : धनबाद पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक संगठित साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। चिरकुंडा थाना क्षेत्र के मुकेश स्टोर से जारी किए गए संदिग्ध सिम कार्ड की जांच के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है। पुलिस के अनुसार गिरोह यूको बैंक के ग्राहकों को केवाईसी अपडेट और बैंक खाता बंद होने का झांसा देकर ओटीपी हासिल करता था और फिर खाते से रकम निकालकर वॉलेट में ट्रांसफर कर आपस में बांट लेता था।

सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जिले के ग्रामीण एसपी एस मोहम्मद याकूब ने बताया कि दूरसंचार विभाग की ओर से उपलब्ध कराई गई सूचना में सामने आया कि 1 जनवरी 2026 से 29 मई 2026 के बीच धनबाद के चिरकुंडा थाना क्षेत्र स्थित मुकेश स्टोर पीओएस दुकान से कुल 64 संदिग्ध सिम जारी किए गए। इनमें से 27 सिम के खिलाफ एनसीआरपी पोर्टल पर साइबर ठगी की शिकायत दर्ज थी।

वरीय अधिकारियों के निर्देश पर निरसा एसडीपीओ लिलेश्वर महतो के नेतृत्व में छापामारी टीम का गठन किया गया। टीम ने सबसे पहले चिरकुंडा में आईसीआईसीआई बैंक के पास स्थित मुकेश स्टोर पर छापेमारी की, लेकिन दुकान बंद मिली। आसपास के लोगों से पूछताछ में दुकान के मालिक मुकेश राय के बारे में जानकारी मिली।

जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को पता चला कि चिरकुंडा के लायकडीह इलाके का रहने वाला आयुष सिंह अपने आईडी का इस्तेमाल कर कई सिम कार्ड खरीदता था और उन्हें ऊंची कीमत पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह को बेचता था।

पूछताछ के दौरान आयुष सिंह ने पुलिस को साइबर ठगी में शामिल प्रेम रविदास, बिनोद रविदास, गुलाब रविदास और मोहन रविदास के बारे में जानकारी दी। इसके बाद पुलिस टीम ने निरसा थाना क्षेत्र के मुगमा से आरोपियों को पकड़ा। वहीं, गिरफ्तार प्रेम रविदास ही इस शातिर गिरोह का मुख्य सरगना बताया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे मोबाइल फोन के जरिए यूको एमपासबुक और यूको सिक्योर ऐप का इस्तेमाल करते थे। इसके बाद बैंक ग्राहकों को केवाईसी अपडेट कराने या खाता बंद होने का झांसा देकर उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया ओटीपी हासिल करते थे।

ओटीपी मिलने के बाद आरोपियों द्वारा खाताधारकों के बैंक खाते से रकम साइबर ठगी के जरिए वॉलेट में ट्रांसफर की जाती थी। इसके बाद वॉलेट से रकम निकालकर गिरोह के सदस्य आपस में उसका बंटवारा कर लेते थे।

पूछताछ में आरोपिताें ने अपने नौ अन्य सहयोगियों के बारे में भी पुलिस को जानकारी दी है, जो फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं।

पुलिस ने इस मामले में चार आरोपिताें को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों में प्रेम रविदास, बिनोद रविदास, गुलाब रविदास और आयुष सिंह शामिल हैं।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कई मोबाइल फोन, अलग-अलग कंपनियों के सिम कार्ड और यूको बैंक से संबंधित ग्राहकों के मोबाइल नंबर एवं खाता नंबरों वाला डाटा भी बरामद किया है।

मामले में चिरकुंडा थाना कांड संख्या 159/2026, दिनांक 10 अगस्त 2026 के तहत बीएनएस, आईटी एक्ट और टेलिकॉम एक्ट की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने आगे की जांच शुरू कर दी है।

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