नई दिल्ली, 10 अगस्त : उच्चतम न्यायालय ने मादक पदार्थों की तस्करी पर चिंता जताई है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह समस्या काफी गंभीर है और इस खतरे से निपटने के लिए विशेषज्ञ एजेंसियों के मिले-जुले प्रयासों की जरुरत है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया।
याचिका भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय ने दायर किया है। याचिका में कहा गया है कि नशीले पदार्थों का गलत इस्तेमाल और तस्करी खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। याचिका में कहा गया है कि 2025 में ड्रग्स से जुड़े मामलों में 53 फीसदी की बढ़ोतरी हुई और 1240 टन नशीले पदार्थ जब्त किए गए, जो समस्या के बढ़ते दायरे को दिखाते हैं।
याचिका में पंजाब समेत दूसरे राज्यों की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा गया कि ड्रग्स की लत परिवारों को बर्बाद कर रही है और इससे लोगों की सेहत और कानून-व्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है।
याचिका में देश में ड्रग्स माफियाओं के नेटवर्क के खतरे को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार को मादक पदार्थों की तस्करी के मामलों में फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी रिपोर्ट जमा करने के लिए अनिवार्य समय-सीमा तय करने का निर्देश देने की मांग की गई है।







