भुवनेश्वर, 11 अगस्त : ओडिशा उच्च शिक्षा विभाग ने राज्य के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को 2026-27 शैक्षणिक सत्र शुरू होने से पहले एंटी-रैगिंग और छात्र सुरक्षा से जुड़े तंत्र को मजबूत करने तथा आवश्यकतानुसार समितियों का पुनर्गठन करने का निर्देश दिया है। संस्थानों को यह प्रक्रिया सात दिनों के भीतर पूरी करनी होगी।
उच्च शिक्षा विभाग की संयुक्त सचिव मौसुमी नायक की ओर से जारी निर्देश राज्य के सभी सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों, डीम्ड विश्वविद्यालयों, सरकारी, सहायता प्राप्त और गैर-सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों, संस्कृत कॉलेजों तथा शिक्षक शिक्षा संस्थानों के रजिस्ट्रार और प्राचार्यों को भेजा गया है।
विभाग ने संस्थानों को मौजूदा सुरक्षा समितियों की संरचना और कार्यप्रणाली की तत्काल समीक्षा करने तथा निर्धारित सात दिनों के भीतर आवश्यक पुनर्गठन पूरा करने को कहा है। निर्देश के तहत सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को एंटी-रैगिंग कमेटी, एंटी-रैगिंग स्क्वॉड और एंटी-रैगिंग मॉनिटरिंग सेल या उसके समकक्ष स्वतंत्र निगरानी तंत्र की समीक्षा और पुनर्गठन करना होगा।
इसके अलावा, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2013 के तहत गठित आंतरिक समिति को भी सक्रिय और मजबूत करने का निर्देश दिया गया है।
विभाग ने छात्र कल्याण और शिकायत निवारण व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया है। संस्थानों को छात्र शिकायत निवारण समितियों, छात्र सेवा केंद्रों और मनोवैज्ञानिक परामर्श इकाइयों को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। जहां आवश्यक हो, वहां ओम्बड्सपर्सन की नियुक्ति करने अथवा पहले से उपलब्ध व्यवस्था को सक्रिय करने के लिए कहा गया है, ताकि छात्रों की शिकायतों का प्रभावी ढंग से समाधान किया जा सके।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि ये सभी व्यवस्थाएं नियमित रूप से कार्यरत और छात्रों के लिए आसानी से सुलभ होनी चाहिए, ताकि किसी भी समस्या की स्थिति में वे संबंधित अधिकारियों से संपर्क कर सकें।
पारदर्शिता और छात्रों की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को समिति के अध्यक्षों, नोडल अधिकारियों और सदस्यों के नाम, पदनाम, आधिकारिक ई-मेल आईडी और फोन नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित करने को कहा गया है। ये विवरण संस्थानों के नोटिस बोर्ड के साथ-साथ उनकी आधिकारिक वेबसाइटों पर भी उपलब्ध कराने होंगे, ताकि छात्र आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से सीधे संपर्क कर सकें।
निर्देशों के अनुपालन की निगरानी के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने क्षेत्रीय स्तर पर निरीक्षण की व्यवस्था की है। ओडिशा के उत्तर, दक्षिण, पश्चिम और पूर्वी क्षेत्रीय उच्च शिक्षा निदेशालय संबंधित संस्थानों का भौतिक सत्यापन और ऑडिट करेंगे।
निरीक्षण के दौरान यह जांच की जाएगी कि अनिवार्य समितियों का उचित गठन या पुनर्गठन किया गया है या नहीं। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि छात्र सुरक्षा और शिकायत निवारण से जुड़े तंत्र वास्तव में प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं या नहीं।
विभाग ने कहा है कि निर्धारित सात दिनों की समयसीमा में प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले अथवा प्रभावी एवं कार्यशील सुरक्षा तंत्र सुनिश्चित करने में विफल रहने वाले संस्थानों के खिलाफ प्रशासनिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।






