Homeक्राइम न्यूज़ई-मेल में एक शब्द बदलकर 28 लाख की ठगी, बिहार से आरोपित...

ई-मेल में एक शब्द बदलकर 28 लाख की ठगी, बिहार से आरोपित गिरफ्तार

जांजगीर-चांपा, 11 अगस्त : प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड चांपा से ई-मेल के जरिए बैंक खाता बदलने का झांसा देकर 28 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में जांजगीर-चांपा साइबर पुलिस ने बिहार से एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। जिसे आज न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

आरोपित की पहचान पंकज मुखिया (42 वर्ष ), निवासी ग्राम परिगमा, थाना चरौत, जिला सीतामढ़ी, बिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से मोबाइल फोन, आधार कार्ड सहित साइबर अपराध से जुड़े अन्य साक्ष्य जब्त किए हैं। मामले में अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

पुलिस के अनुसार प्रकाश इंडस्ट्रीज लिमिटेड कोटाडबरी चांपा के पर्चेस विभाग को राउरकेला इस्पात संयंत्र के नाम से एक ई-मेल प्राप्त हुआ था। ई-मेल में बैंक खाता बदलने की जानकारी दी गई थी। ठगों ने वास्तविक ई-मेल आईडी में मामूली बदलाव कर मिलती-जुलती आईडी बनाई थी। इस पर ध्यान नहीं देने के कारण कंपनी ने 28 लाख रुपये उक्त खाते में ट्रांसफर कर दिए। बाद में राउरकेला इस्पात संयंत्र से भुगतान की पुष्टि करने पर पता चला कि वहां रकम पहुंची ही नहीं है। इसके बाद ठगी का खुलासा हुआ।

शिकायत पर साइबर थाना जांजगीर में अपराध दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। बैंक खाते की जांच में ठगी की रकम आरोपित पंकज मुखिया के खाते में पहुंचने की जानकारी मिली। पुलिस ने बैंक डिटेल, खाते से जुड़े मोबाइल नंबर, सीडीआर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच में आरोपित का बिहार में होना पता चला। इसके बाद पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से भारत-नेपाल सीमा के नजदीक ग्राम परिगमा से उसे गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में आरोपित ने अन्य लोगों के साथ मिलकर अपने नाम से बैंक खाता खुलवाने और साइबर ठगी की रकम खाते में आने के बाद आपस में बांटने की बात स्वीकार की है। आरोपित ने अपने हिस्से की रकम खर्च करना बताया। पुलिस ने उसे बिहार की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड लिया और जांजगीर-चांपा लाकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस के अनुसार ठगी के बाद साइबर क्राइम पोर्टल और 1930 पर तत्काल शिकायत किए जाने से 28 लाख रुपये में से 23 लाख होल्ड करा लिए गए हैं। रकम वापस कराने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत करें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कर वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।

कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा, निरीक्षक शिवानंद सिंह, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, आरक्षक शहबाज खान और गिरीश कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments