Homeदेशप्रधानमंत्री मोदी का विकास के लिए शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

प्रधानमंत्री मोदी का विकास के लिए शक्ति की सप्तधारा का आह्वान

नई दिल्ली, 15 अगस्त : प्रधानमंत्री ने लाल किले से राष्ट्र के विकास के लिए ‘शक्ति की सप्तधारा’ का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत को अपनी सामर्थ्य को पहचानते हुए विकास के विभिन्न क्षेत्रों में एक साथ आगे बढ़ना होगा। पहली धारा उत्पादन क्षमता बढ़ाने की है, जबकि कृषि को दूसरी धारा के रूप में रखा गया है। इसके साथ कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और खाद्य प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

तीसरी धारा तकनीक और नवाचार की है, जो देश की विकास गति को नई दिशा दे सकती है। चौथी धारा गति शक्ति के माध्यम से बुनियादी ढांचे और संपर्क व्यवस्था को मजबूत करने की है। रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को पांचवीं धारा के रूप में ‘रक्षा शक्ति’ का आधार बताया गया। छठी धारा हरित अर्थव्यवस्था और सातवीं धारा भारत की सॉफ्ट पावर से जुड़ी है। प्रधानमंत्री ने इन सभी धाराओं को विकसित भारत के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण बताया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में कहा कि भारत बड़े सपने देख रहा है और नयी ऊंचाइयों को छूने के लिए आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि हम यह सुनिश्चित करेंगे कि 2047 तक देश विकसित राष्ट्र बने। उन्होंने कहा कि हमारे सपने और संकल्प बड़े होने चाहिए, तभी हमारी क्षमताएं नयी ऊंचाइयों तक पहुंचेंगी। आजादी के बाद यह पहला मौका है जब लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम्’ की गूंज सुनाई दी है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments