Home देश पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में मप्र देश में प्रथम, अब तक...

पीएम स्वनिधि योजना के क्रियान्वयन में मप्र देश में प्रथम, अब तक 10.42 लाख पथ-विक्रेता हुए लाभान्वित

0

भोपाल, 16 अगस्त : मध्य प्रदेश नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा संचालित ‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि’ (पीएम स्वनिधि) योजना के क्रियान्वयन में देश में शीर्ष स्थान पर बना हुआ है। प्रदेश के सूक्ष्म कार्यक्षेत्रीय रेहड़ी-पटरी व्यवसायियों एवं पथ-विक्रेताओं के सर्वांगीण आर्थिक स्वावलंबन के लिए संचालित इस कल्याणकारी योजना के माध्यम से अब तक 10.42 लाख से अधिक पथ-विक्रेताओं को लाभान्वित कर वित्तीय समावेशन का एक नया आयाम स्थापित किया है।

जनसम्पर्क अधिकारी अवंतिका जायसवाल रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि योजना की पहुँच को और अधिक सर्वव्यापी, पारदर्शी तथा सुदृढ़ बनाने के ध्येय से 01 अगस्त से 15 अगस्त, 2026 तक प्रदेश के समस्त जिलों, नगरीय निकायों तथा संबंधित सेन्सस टाउंस में मिशन मोड के अंतर्गत विशेष अभियान “स्वनिधि पखवाड़ा” का आयोजन किया गया। पखवाड़े में योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ पात्र पथ-विक्रेताओं के नवीन ऋण आवेदन पत्र तथा क्रेडिट कार्ड के आवेदन तैयार कर त्वरित स्वीकृति के लिये बैंकों को प्रेषित किए गए।

उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान 12 हजार से अधिक ऋण प्रकरण बैंकों में प्रेषित किए गए तथा 4 हजार से अधिक नवीन पथ-विक्रेताओं को योजना की मुख्यधारा से जोड़ा गया। प्रशासनिक मुस्तैदी और बैंकिंग समन्वय के फलस्वरूप 17,400 से अधिक ऋण प्रकरण स्वीकृत हुए, जिनमें से 16,500 से अधिक हितग्राहियों को ऋण राशि का प्रत्यक्ष वितरण किया गया। इसके अतिरिक्त, 3 हजार से अधिक पथ-विक्रेताओं के क्रेडिट कार्ड स्वीकृत कर 1,000 क्रेडिट कार्ड्स को सफलतापूर्वक एक्टिवेट कराया जा चुका है। राज्य, जिला एवं ब्लॉक स्तरीय बैंकर्स समितियों की नियमित बैठकों के माध्यम से पथ-विक्रेताओं तथा बैंकिंग संस्थानों के मध्य परस्पर संवाद और समन्वय को नई सुदृढ़ता प्रदान की गई है।

जनसम्पर्क अधिकारी के अनुसार, नवीन एवं पुनर्गठित पीएम स्वनिधि योजनान्तर्गत पथ-विक्रेताओं के व्यवसाय संवर्धन के लिये विभिन्न चरणों में क्रमशः ₹15 हजार, ₹25 हजार एवं ₹50 हजार तक की ऋण सहायता प्रदाय की जा रही है, जिसके साथ ₹30,000 की सीमा वाला यूपीआई-लिंक्ड क्रेडिट कार्ड भी उपलब्ध कराया जा रहा है। 31 मार्च, 2030 तक प्रभावी इस महत्वाकांक्षी योजना में प्रदेश के अथक प्रयासों से अब तक कुल 16.55 लाख ऋण प्रकरणों का सफलतापूर्वक वितरण कर 2,852.03 करोड़ रूपये की धनराशि जारी की जा चुकी है। समावेशन एवं महिला सशक्तीकरण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए योजना के अंतर्गत 40 प्रतिशत महिला हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। इसके साथ ही, डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने के फलस्वरूप प्रदेश के 7.17 लाख से अधिक पथ-विक्रेता डिजिटल लेन-देन में सक्रियता से सहभागिता कर रहे हैं, जिन्हें अब तक 53.85 करोड़ रूपये से अधिक की राशि कैश बैक के रूप में प्राप्त हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि योजना के भावी रोडमैप एवं समीक्षा के लिये आगामी 17 अगस्त, 2026 को उज्जैन स्मार्ट सिटी में समस्त बैंकर्स हेड्स तथा नगरीय निकायों के अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक होगी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Check Also
देश

मप्रः मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इंदौर में अटल जी की 25 फीट ऊंची प्रतिमा स्थापना के लिए किया भूमिपूजन

Exit mobile version