डेस्क : अगर आपके वाहन पर लंबे समय से ई-चालान बकाया है, तो अब इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने लंबित ट्रैफिक ई-चालान की वसूली को लेकर राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि सिर्फ ई-चालान जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि बकाया जुर्माने की वसूली सुनिश्चित करना भी जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि वाहनों की रैंडम जांच की जाए और यदि किसी वाहन पर बकाया ई-चालान पाया जाता है, तो उसे जब्त करने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। यह आदेश सड़क सुरक्षा से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान दिया गया।
बकाया चालान पर वाहन की ऑनलाइन सेवाएं होंगी फ्रीज
कोर्ट के निर्देश के अनुसार, जिन वाहनों पर ट्रैफिक जुर्माना बकाया है, उनकी कई ऑनलाइन वाहन सेवाओं को रोका जा सकता है। इनमें रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट यानी RC का नवीनीकरण, डुप्लीकेट RC जारी करना और वाहन मालिक के पते में बदलाव जैसी सेवाएं शामिल हैं।
इसके अलावा बकाया चालान पूरी तरह चुकाने तक वाहन का फिटनेस सर्टिफिकेट जारी नहीं करने का भी निर्देश दिया गया है।
Parivahan पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट हो सकता है वाहन
लंबित ई-चालान वाले वाहनों को Parivahan पोर्टल पर ब्लैकलिस्ट करने की व्यवस्था भी लागू करने को कहा गया है। इसका असर वाहन की बिक्री और ownership transfer पर पड़ सकता है। यानी बकाया चालान का भुगतान किए बिना वाहन के स्वामित्व का हस्तांतरण भी रुक सकता है।
PUC सर्टिफिकेट भी नहीं मिलेगा
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों में प्रदूषण प्रमाणपत्र यानी PUC को लेकर भी सख्ती की गई है। बकाया ट्रैफिक जुर्माने वाले वाहन को PUC सर्टिफिकेट जारी नहीं करने की व्यवस्था करने को कहा गया है।
बार-बार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस के नवीनीकरण और मौजूदा लाइसेंस के निलंबन से जुड़े कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
करीब 49,194 करोड़ रुपये के ई-चालान बकाया
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि देशभर में जारी ई-चालानों में करीब 49,194.05 करोड़ रुपये की राशि वसूल की जानी बाकी है, जबकि लगभग 26,175.05 करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि ई-चालान जारी करने के साथ-साथ उसकी वसूली की प्रभावी व्यवस्था भी जरूरी है।
2012 से चल रही है सुनवाई
यह मामला सड़क सुरक्षा से जुड़ी वर्ष 2012 की जनहित याचिका से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की लंबे समय से निगरानी कर रहा है। कोर्ट ने अधिकारियों से सड़क सुरक्षा और मोटर व्हीकल कानून से जुड़े निर्देशों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया है।
वाहन मालिक क्या करें?
अगर आपके वाहन पर कोई पुराना ई-चालान लंबित है, तो उसे समय पर चेक कर भुगतान करना जरूरी है। खासकर ऐसे वाहन मालिक जिन पर कई चालान लंबित हैं, उन्हें अपने वाहन से संबंधित रिकॉर्ड और बकाया जुर्माने की स्थिति की जांच कर लेनी चाहिए।
