नई दिल्ली, 17 अगस्त : दिल्ली के पर्यटन एवं विकास मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि भारत और नाइजीरिया के बीच कृषि और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग की व्यापक संभावनाएं हैं। दिल्ली सरकार द्वारा किसानों के हित में किए जा रहे कार्यों, कृषि योजनाओं और मंडी व्यवस्था के अनुभवों को साझा करना दोनों देशों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। यह बातें उन्होंने सोमवार को दिल्ली सचिवालय में नाइजीरिया संघीय गणराज्य के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री डॉ. अलीयू साबी अब्दुल्लाही और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में कही।
मंत्री कपिल मिश्रा ने आज दिल्ली सचिवालय में नाइजीरियाई मंत्री एवं प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। उन्होंने बैठक में कृषि विकास, किसानों के कल्याण, खाद्य सुरक्षा और कृषि उपज के बेहतर प्रबंधन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक की शुरुआत दोनों पक्षों के संक्षिप्त परिचय के साथ हुई। इसके बाद दिल्ली सरकार के विकास विभाग ने दिल्ली में कृषि क्षेत्र की वर्तमान स्थिति तथा किसानों के कल्याण के लिए दिल्ली सरकार और भारत सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं पहलों की जानकारी साझा की।
बैठक में दिल्ली कृषि विपणन बोर्ड (डीएएमबी) ने भी विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें मंडियों के माध्यम से अनाज, सब्जियों, फलों और फूलों की आपूर्ति एवं विपणन श्रृंखला के प्रबंधन, कृषि उपज के बाजार तक पहुंचने की प्रक्रिया तथा मंडी व्यवस्था की भूमिका के बारे में जानकारी दी गई।
मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक, बेहतर प्रबंधन और मजबूत बाजार व्यवस्था किसानों के हितों की रक्षा करने के साथ-साथ खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आज की बैठक के माध्यम से कृषि विकास और खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में आपसी सहयोग की नई संभावनाओं पर सार्थक संवाद हुआ है।
नाइजीरिया के कृषि एवं खाद्य सुरक्षा राज्य मंत्री ने बैठक और प्रस्तुतियों के लिए दिल्ली सरकार का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बैठक में साझा की गई जानकारी को उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया तथा नाइजीरिया में कृषि क्षेत्र के विकास और खाद्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में दिल्ली सरकार के सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में ज्ञान, अनुभव और विशेषज्ञता के आदान-प्रदान को आगे बढ़ाने तथा भविष्य में सहयोग की संभावनाओं पर संवाद जारी रखने पर भी चर्चा हुई।






