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टीआरई-4 में 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति, नीतीश के नौकरी एवं रोजगार मॉडल को आगे बढ़ा रही एनडीए सरकार : उमेश सिंह कुशवाहा

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पटना, 18 अगस्त : बिहार जनता दल यूनाईटेड (जदयू) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में नौकरी एवं रोजगार को लेकर जो मजबूत आधार तैयार हुआ, वह आज एक मॉडल के रूप में स्थापित हो चुका है। शिक्षक नियुक्ति के पहले तीन चरणों में 3 लाख से अधिक शिक्षकों की बहाली के बाद अब शिक्षक भर्ती के चौथे चरण के लिए भी आज अधिसूचना जारी की गई है।

उमेश कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के नौकरी एवं रोजगार मॉडल को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रही है। टीआरई-4 के तहत 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति का निर्णय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और सरकारी सेवा में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है।

उन्होंने कहा कि सात निश्चय पार्ट-3 के तहत एनडीए सरकार ने अगले पाँच वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है। सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। शिक्षक भर्ती के चौथे चरण में 32,388 पदों पर नियुक्ति का निर्णय इसी कड़ी में लिया गया है। इससे बड़ी संख्या में युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा और राज्य के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

उमेश सिंह कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में सरकारी नियुक्तियों की प्रक्रिया को पारदर्शी, व्यवस्थित और तेज बनाने की जो कार्यसंस्कृति विकसित हुई, सम्राट चौधरी के नेतृत्व में एनडीए सरकार उसे और मजबूती के साथ आगे बढ़ा रही है। एनडीए सरकार का प्रयास केवल सरकारी नौकरी तक सीमित नहीं है, बल्कि उद्योग, निवेश और निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसरों का भी लगातार विस्तार किया जा रहा है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं को अधिक से अधिक अवसर उपलब्ध कराना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना एनडीए सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

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