मुजफ्फरपुर: सीतामढ़ी के बेलसंड से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक अमित कुमार रानू के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर रविवार सुबह पुलिस ने छापेमारी की। पुलिस टीम कोर्ट से प्राप्त सर्च वारंट के आधार पर विधायक के आवास पर पहुंची और तलाशी ली।
यह कार्रवाई जमीन विवाद और बाउंड्री तोड़े जाने से जुड़े एक मामले की जांच के तहत की गई है। इस मामले में विधायक के भाई पर दबंगई करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
जमीन विवाद से जुड़ा है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र में जमीन को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि कुछ लोगों ने मौके पर पहुंचकर जमीन की बाउंड्री को तोड़ दिया।
घटना के बाद पीड़ित पक्ष की ओर से पुलिस को शिकायत दी गई, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गई। पुलिस ने मामले में कुछ आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है, जबकि अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच जारी है।
विधायक के भाई पर लगा दबंगई का आरोप
शिकायत में विधायक अमित कुमार रानू के भाई सोनू सिंह पर जमीन कारोबार से जुड़े मामले में दबंगई करने का आरोप लगाया गया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, विधायक के भाई कुछ युवकों के साथ मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि उनके साथ आई गाड़ियों में लोजपा (रामविलास) का झंडा लगा हुआ था और इसके बाद जमीन की बाउंड्री तोड़ दी गई।
पीड़ित पक्ष ने घटना का वीडियो भी पुलिस को उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिस अब वीडियो सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
सर्च वारंट के बाद विधायक के आवास पर पहुंची पुलिस
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज होने के बाद न्यायालय से सर्च वारंट प्राप्त किया। इसके बाद रविवार सुबह पुलिस टीम विधायक के मुजफ्फरपुर स्थित आवास पर पहुंची।
तलाशी के दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े संभावित दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की। पुलिस की कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मामले में आरोपित लोगों की भूमिका और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करना बताया जा रहा है।
पुलिस कर रही है भाई की भूमिका की जांच
जमीन विवाद से जुड़े इस मामले में पुलिस विधायक के भाई समेत अन्य आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच के दौरान शिकायत, वीडियो फुटेज और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को आधार बनाया जा रहा है।
पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
विधायक की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं
छापेमारी को लेकर विधायक अमित कुमार रानू की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में पुलिस की जांच पूरी होने और संबंधित पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
