पटना/पश्चिम चंपारण: बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को सिर्फ किताबों तक सीमित रखने के बजाय विद्यार्थियों को व्यावहारिक जानकारी और करियर मार्गदर्शन देने की नई पहल शुरू की जा रही है। इसके तहत डीडीसी (DDC), एसडीएम (SDM) और अन्य प्रशासनिक अधिकारी स्कूलों में जाकर बच्चों से संवाद करेंगे और उनकी क्लास भी लेंगे।
22 मॉडल स्कूलों से होगी पहल की शुरुआत
इस पहल की शुरुआत पश्चिम चंपारण जिले के 22 मॉडल स्कूलों से किए जाने की जानकारी सामने आई है। इन स्कूलों में प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ प्रशासनिक व्यवस्था और विभिन्न करियर विकल्पों की जानकारी देने का प्रयास किया जाएगा।
अफसर बताएंगे पढ़ाई के साथ करियर की राह
प्रशासनिक अधिकारी बच्चों को उनके भविष्य को लेकर मार्गदर्शन देंगे। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं, उच्च शिक्षा, सरकारी सेवाओं और अन्य करियर विकल्पों के बारे में जानकारी मिलने की उम्मीद है।
इस पहल का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह भी है कि ग्रामीण और सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को उन अवसरों की जानकारी मिले, जिनसे वे अक्सर अनजान रह जाते हैं।
बच्चों से सीधे संवाद करेंगे अधिकारी
अधिकारियों के स्कूल पहुंचने से विद्यार्थियों को उनसे सीधे सवाल पूछने का अवसर मिलेगा। बच्चे अपनी पढ़ाई, भविष्य की योजनाओं और करियर से जुड़ी शंकाओं पर अधिकारियों से बातचीत कर सकेंगे।
इससे विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने और उन्हें लक्ष्य तय करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
सरकारी स्कूलों में पढ़ाई को बनाया जाएगा ज्यादा व्यावहारिक
इस पहल के पीछे सोच यह है कि विद्यार्थियों को केवल पाठ्यक्रम पूरा कराने के बजाय उन्हें व्यावहारिक ज्ञान, व्यक्तित्व विकास और करियर संबंधी जानकारी भी दी जाए।
प्रशासनिक अधिकारियों का अनुभव विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को इससे काफी लाभ मिलने की उम्मीद है।
मॉडल स्कूलों के बाद बढ़ सकता है दायरा
फिलहाल यह पहल 22 मॉडल स्कूलों से शुरू होने जा रही है। यदि इसका सकारात्मक परिणाम सामने आता है, तो भविष्य में इसे दूसरे सरकारी स्कूलों तक भी विस्तार दिया जा सकता है।
इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नियमित करियर काउंसलिंग और प्रशासनिक अधिकारियों से संवाद का अवसर मिल सकता है।
