Patna : NEET-UG प्रश्नपत्र लीक मामले में लंबे समय से चर्चा में रहे संजीव मुखिया को अदालत से बड़ी राहत मिली है। CBI की जांच में उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के बाद विशेष अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने यह निर्देश दिया। संजीव मुखिया को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश किया गया था।
CBI ने नहीं दाखिल किया आरोपपत्र
अदालत में सुनवाई के दौरान सामने आया कि CBI ने संजीव मुखिया के खिलाफ अब तक आरोपपत्र दाखिल नहीं किया है। जांच एजेंसी ने उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ समेत कई स्तरों पर जांच की, लेकिन पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने के कारण उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की गई।
इसके बाद अदालत ने मामले के कानूनी पहलुओं पर विचार करते हुए संजीव मुखिया को न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया। अदालत द्वारा बंधपत्र स्वीकार किए जाने के बाद उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया।
NEET-UG पेपर लीक मामले में 45 आरोपितों पर चार्जशीट
NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच के दौरान CBI ने कई आरोपितों की भूमिका की जांच की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जांच एजेंसी अब तक 45 आरोपितों के खिलाफ अदालत में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है।
प्रश्नपत्र लीक का मामला सामने आने के बाद इसकी जांच CBI को सौंपी गई थी। केंद्रीय एजेंसी ने पेपर लीक नेटवर्क की अलग-अलग कड़ियों की पड़ताल की। इसमें प्रश्नपत्र के लीक होने, आरोपितों तक पहुंचने और अभ्यर्थियों तक प्रश्नपत्र पहुंचाए जाने से जुड़े पहलुओं की जांच की गई।
जांच के दौरान सामने आया था संजीव मुखिया का नाम
NEET-UG पेपर लीक मामले के सामने आने के बाद संजीव मुखिया का नाम प्रमुखता से चर्चा में आया था। जांच एजेंसी ने उनकी कथित भूमिका को लेकर पूछताछ की और रिमांड की कार्रवाई भी की थी। इसके बाद उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल होने की संभावना जताई जा रही थी।
हालांकि, जांच के दौरान CBI को उनके खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले। इसी आधार पर एजेंसी ने उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं की। अब विशेष अदालत ने भी उन्हें न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है।
23 जून 2024 को CBI ने दर्ज की थी FIR
NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने 23 जून 2024 को प्राथमिकी दर्ज की थी। यह मामला प्राथमिक आरसी-224/2024 के रूप में दर्ज हुआ था। वहीं बिहार पुलिस ने शास्त्रीनगर थाने में कांड संख्या 358/2024 दर्ज की थी।
मामले की शुरुआती जांच बिहार पुलिस ने की थी। बाद में केंद्र सरकार ने जांच CBI को सौंप दी। CBI ने जांच अपने हाथ में लेने के बाद आरोपितों से पूछताछ, दस्तावेजों की जांच और पेपर लीक से जुड़े नेटवर्क की कड़ियों की पड़ताल शुरू की।
फिलहाल क्या है स्थिति?
फिलहाल NEET-UG पेपर लीक मामले में संजीव मुखिया को अदालत से राहत मिली है। CBI ने उनके खिलाफ आरोपपत्र दाखिल नहीं किया है और अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत से मुक्त करने का आदेश दिया है। मामले में CBI की ओर से अन्य आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
