पटना: बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षक स्थानांतरण नीति को लेकर बड़ा स्पष्टिकरण दिया है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की सेवा अवधि दो साल या उससे कम बची है, उनका तबादला नहीं किया जाएगा। सरकार ने ऐसे शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है।
शिक्षा मंत्री ने मंगलवार को एक बार फिर स्पष्ट किया कि राज्य की शिक्षक स्थानांतरण नीति पूरी तरह ऐच्छिक है। किसी भी शिक्षक पर तबादले के लिए कोई दबाव नहीं बनाया जाएगा। शिक्षक अपनी इच्छा के अनुसार ही स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि केवल उन्हीं शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाएगा, जिन्होंने स्वेच्छा से इसके लिए आवेदन किया है। किसी भी शिक्षक को जबरन तबादले के लिए बाध्य नहीं किया जाएगा।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता शिक्षकों के हितों को ध्यान में रखते हुए पारदर्शी और सुविधाजनक स्थानांतरण व्यवस्था लागू करना है। पूरी प्रक्रिया में शिक्षकों की इच्छा और उनकी सुविधा को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
