पटना : जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने देश की आर्थिक स्थिति को लेकर जारी GDP के आंकड़ों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि GDP को लेकर विशेषज्ञों की ओर से गंभीर सवाल उठाए गए हैं। सरकार आर्थिक स्थिति बेहतर होने का दावा कर रही है, लेकिन आम लोगों को इसका असर दिखाई नहीं दे रहा है।
प्रशांत किशोर ने कहा कि युवाओं को नौकरी नहीं मिल रही है। मजदूर, किसान और छात्रों को भी अपनी आर्थिक स्थिति में अपेक्षित सुधार महसूस नहीं हो रहा है। उन्होंने कहा कि केवल आंकड़ों के आधार पर विकास का आकलन नहीं किया जा सकता, बल्कि इसका असर आम लोगों की जिंदगी में भी दिखना चाहिए।
बिहार की शिक्षा व्यवस्था पर भी साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने बिहार में शिक्षा और शिक्षकों की स्थिति को लेकर भी सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा, “बिहार में शिक्षकों की स्थिति तब सुधरेगी, जब बिहार में शिक्षा की स्थिति सुधरेगी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि बिहार के समाज और सरकार की प्राथमिकताओं में शिक्षा को वह स्थान नहीं मिला है, जो मिलना चाहिए। पीके के इस बयान के बाद एक बार फिर बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की स्थिति को लेकर राजनीतिक बहस तेज होने के आसार हैं।
राम मंदिर के नए CEO को लेकर भी बोले PK
प्रशांत किशोर ने श्री राम मंदिर के नए CEO की नियुक्ति को लेकर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि केवल नए व्यक्ति की नियुक्ति से मामला खत्म नहीं होने वाला है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि देश के हिंदुओं के इतने बड़े आस्था के केंद्र पर चोरी और गबन के आरोपों के मामले में क्या कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने कहा कि केवल पद पर किसी नए व्यक्ति की नियुक्ति पर्याप्त नहीं है, बल्कि जिन आरोपों को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उनकी जांच और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई भी होनी चाहिए।







