पटना : बाढ़ अनुमंडल के अथमलगोला प्रखंड की कई पंचायतें इन दिनों बाढ़ के पानी से प्रभावित हैं। रामनगर करारी कछार पंचायत में भी बाढ़ का पानी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है। पंचायत के कई इलाकों में अभी भी सैकड़ों बाढ़ पीड़ित अपने घरों में रहने को मजबूर हैं। इन लोगों तक सरकारी सहायता पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पाने के कारण मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
बाढ़ प्रभावित लोगों की परेशानी को देखते हुए पंचायत के मुखिया और समाजसेवियों ने मदद का जिम्मा संभाला है। हर दिन सुबह नाव पर खाना लेकर गांव के अलग-अलग हिस्सों में पहुंचते हैं और पानी के बीच रह रहे बाढ़ पीड़ितों के घर-घर जाकर भोजन का वितरण करते हैं। बाढ़ के बीच यह पहल लोगों के लिए बड़ी राहत बन रही है।
बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन की ओर से बनाए गए सामुदायिक किचन की दूरी उनके घरों से काफी अधिक है। कई जगहों पर आने-जाने के लिए नाव ही एकमात्र सहारा है। ऐसे में रोजाना सामुदायिक किचन तक पहुंचना उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को इस वजह से काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ के पानी ने गांव के आसपास के रास्तों को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। सामान्य आवागमन बाधित होने के कारण जरूरी सामान लाना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे समय में गांव में ही भोजन और राहत सामग्री पहुंचने से लोगों को काफी राहत मिल रही है।
बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए अब स्थानीय समाजसेवी भी लगातार आगे आ रहे हैं। समाजसेवियों की ओर से पानी से घिरे इलाकों में रह रहे लोगों तक भोजन के अलावा जरूरत का राहत सामान भी पहुंचाया जा रहा है। नाव के जरिए गांव के बीच पहुंचकर लोगों की जरूरतों की जानकारी ली जा रही है और उसके अनुसार सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाढ़ की स्थिति लंबे समय तक बनी रहने पर उन्हें भोजन, पीने के पानी और अन्य जरूरी सामान की लगातार जरूरत होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री और भोजन की व्यवस्था और मजबूत की जाए, ताकि किसी भी परिवार को मदद के लिए दूर न जाना पड़े।
फिलहाल रामनगर करारी कछार पंचायत में बाढ़ के बीच मुखिया और समाजसेवियों की यह पहल लोगों के लिए राहत का सहारा बनी हुई है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से भी प्रभावित परिवारों तक जल्द और पर्याप्त सहायता पहुंचाई जाएगी।







