पटना : दशहरा नजदीक आते ही राजधानी पटना के गांधी मैदान में होने वाले रावण वध और रामलीला की पुरानी यादें ताजा होने लगी हैं। श्री दशहरा कमेटी की ओर से वर्षों से गांधी मैदान में रावण वध समारोह का आयोजन किया जाता रहा है। हालांकि, इस बार गांधी मैदान में दशहरा मेला आयोजित किए जाने की तैयारी के बीच रामलीला मंचन को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई है।
बीते वर्ष गांधी मैदान में 11 दिवसीय रामलीला का भव्य आयोजन किया गया था। वृंदावन से आए कलाकारों ने रामायण के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया था। पर्याप्त जगह होने के कारण बड़ी संख्या में दर्शक रामलीला देखने पहुंचे थे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में कार्यक्रम को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला था।
श्री दशहरा कमेटी के अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि पिछले वर्ष पटना प्रमंडल आयुक्त की ओर से कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के निर्देश के अनुसार गांधी मैदान में 11 दिवसीय रामलीला आयोजित करने की अनुमति दी गई थी। रामलीला और रावण वध कार्यक्रम के आयोजन पर करीब 47 लाख रुपये खर्च हुए थे।
इस बार गांधी मैदान में दशहरा मेला आयोजित किए जाने की तैयारी है। ऐसे में रामलीला मंचन के लिए पर्याप्त स्थान और आयोजन की अनुमति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। कमेटी का कहना है कि प्रशासन और दशहरा कमेटी के बीच जल्द समन्वय होने की जरूरत है, ताकि पटना की वर्षों पुरानी रामलीला परंपरा इस बार भी गांधी मैदान में जारी रह सके।
11 से 21 अक्टूबर तक रामलीला की मांग
रामलीला मंचन को लेकर दशहरा कमेटी ने सोमवार को प्रमंडल आयुक्त को पत्र लिखा है। कमेटी ने 11 अक्टूबर से 21 अक्टूबर तक गांधी मैदान में रामलीला आयोजित करने के लिए प्रशासन से सहयोग और आवश्यक व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है।
कमेटी के अध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि बीते वर्ष 18 अगस्त 2025 को पूर्व प्रमंडल आयुक्त डॉ. चंद्रशेखर सिंह की अध्यक्षता में दशहरा महोत्सव को लेकर बैठक हुई थी। इसी दौरान गांधी मैदान में रामलीला मंचन का निर्णय लिया गया था।
पटना में वर्षों पुरानी है रामलीला की परंपरा
पटना के गांधी मैदान में दशहरा और रावण वध का आयोजन लंबे समय से होता रहा है। कमेटी के अनुसार, वर्ष 1955 से गांधी मैदान में रावण वध समारोह आयोजित किया जा रहा है। वहीं 2007 और 2008 में रावण वध समारोह के साथ 11 दिवसीय रामलीला महोत्सव का भी आयोजन हुआ था।
इससे पहले वर्ष 2006 में मिलर हाईस्कूल मैदान में रामलीला का मंचन किया गया था। रामलीला के लिए वृंदावन की नाट्य मंडली को पटना बुलाया गया था। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक रामलीला देखने पहुंचते रहे हैं।
आगरा के कलाकार बनाएंगे रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतले
इधर, रावण वध कार्यक्रम की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। दशहरा के मौके पर रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का निर्माण अक्टूबर के पहले सप्ताह से शुरू होने की तैयारी है। इस बार पुतलों के निर्माण की जिम्मेदारी आगरा के कलाकारों को दी जाएगी।
कमेटी के अनुसार, इस बार पिछले वर्ष की तुलना में पुतलों की ऊंचाई भी बढ़ाई जाएगी। रावण का पुतला 80 फीट, कुंभकर्ण का 75 फीट और मेघनाद का पुतला 70 फीट ऊंचा होगा। पुतलों के पहनावे और डिजाइन को लेकर ट्रस्ट की बैठक में अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
अब सबकी नजर प्रशासन के फैसले पर
गांधी मैदान में दशहरा मेले के साथ रामलीला के आयोजन को लेकर फिलहाल असमंजस की स्थिति है। दशहरा कमेटी ने प्रशासन से जल्द निर्णय लेने और सहयोग करने की मांग की है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन की ओर से रामलीला मंचन के लिए क्या व्यवस्था की जाती है और क्या इस बार भी गांधी मैदान में पटना की वर्षों पुरानी रामलीला परंपरा उसी भव्यता के साथ देखने को मिलेगी।
