Home राज्य बिहार के पशुपालकों के लिए बड़ी खबर, अब दूध बेचने की राशि...

बिहार के पशुपालकों के लिए बड़ी खबर, अब दूध बेचने की राशि सीधे बैंक खाते में होगी ट्रांसफर

0

पटना : बिहार के दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों से जुड़े पशुपालकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब दूध बेचने के बाद भुगतान के लिए उन्हें लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। कॉम्फेड की ओर से दूध उत्पादकों को उनकी बिक्री की राशि सीधे बैंक खाते में भेजने की नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे भुगतान प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान, तेज और पारदर्शी होने की उम्मीद है।

नई व्यवस्था के तहत प्राथमिक दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों के माध्यम से भुगतान भेजने के बजाय दूध उत्पादकों के बैंक खातों में सीधे राशि ट्रांसफर की जाएगी। इसके लिए प्राथमिक स्तर के दुग्ध उत्पादक संघ दूध विक्रेताओं की सूची संबंधित दुग्ध संघों को उपलब्ध कराएंगे। इस सूची में प्रत्येक दूध उत्पादक के बैंक खाते से जुड़ी आवश्यक जानकारी शामिल होगी।

पहले चरण में करीब 50 हजार पशुपालक होंगे शामिल

कॉम्फेड की योजना के अनुसार, पहले चरण में इस महीने के अंत तक राज्य के सभी जिलों से जुड़े करीब 5 हजार दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों के लगभग 50 हजार दूध उत्पादकों के बैंक खातों में सीधे भुगतान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके बाद इस व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से राज्य के 22,416 दुग्ध उत्पादक सहकारी संघों से जुड़े 7 लाख से अधिक दूध उत्पादकों तक पहुंचाया जाएगा।

बिहार में कॉम्फेड से जुड़े हैं 8 दुग्ध संघ

वर्तमान में बिहार में कॉम्फेड से आठ दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ जुड़े हुए हैं। इनमें वैशाली पाटलिपुत्र दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ पटना, राजेंद्र प्रसाद दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ बरौनी, तिरहुत दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ मुजफ्फरपुर, मिथिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ समस्तीपुर, शाहाबाद दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ आरा, विक्रमशिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ भागलपुर, मगध दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ गया और कोशी दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ सुपौल शामिल हैं।

इन दुग्ध संघों से जुड़े 7 लाख से अधिक दूध उत्पादक रोजाना दूध उपलब्ध कराते हैं। इसी दूध से सुधा ब्रांड के तहत पैकेट वाले दूध समेत दही, पनीर, आइसक्रीम और मिल्क पाउडर जैसे विभिन्न उत्पाद तैयार किए जाते हैं।

डीएटी व्यवस्था से होगा सीधा भुगतान

कॉम्फेड के एमडी कपिल अशोक ने बताया कि दूध उत्पादकों को सीधे भुगतान करने के लिए डीएटी यानी डायरेक्ट अकाउंट ट्रांसफर व्यवस्था लागू की जा रही है। इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया को सरल बनाना और उत्पादकों को उनकी दूध बिक्री की राशि सीधे उनके बैंक खाते तक पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि पहले चरण में करीब 50 हजार दूध उत्पादकों को इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। इसके बाद राज्य के 7 लाख से अधिक दूध उत्पादकों को चरणबद्ध तरीके से सीधे बैंक भुगतान प्रणाली से जोड़ा जाएगा।

सुधा के लिए रोजाना होता है दूध का संग्रह

कॉम्फेड से जुड़े दुग्ध उत्पादकों से रोजाना बड़ी मात्रा में दूध का संग्रह किया जाता है। इस दूध का इस्तेमाल सुधा ब्रांड के तहत पैकेट वाले दूध के साथ-साथ दही, आइसक्रीम, पनीर और मिल्क पाउडर जैसे उत्पाद बनाने में किया जाता है।

कॉम्फेड के अनुसार, कुल संग्रहित दूध में करीब 70 प्रतिशत की बिक्री पाउच वाले दूध के रूप में होती है, जबकि शेष दूध से अन्य दुग्ध उत्पाद तैयार किए जाते हैं। सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था लागू होने के बाद पशुपालकों को दूध की बिक्री की राशि प्राप्त करने में सुविधा होगी और भुगतान व्यवस्था में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Check Also
राज्य

पटना के गांधी मैदान में इस बार होगी रामलीला? दशहरा मेले के बीच बनी संशय की स्थिति, कमेटी ने आयुक्त से मांगा सहयोग

Exit mobile version