सीवान: सपने छोटे-बड़े नहीं होते, उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत और हौसले की जरूरत होती है। गुठनी की बेटी और रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स अकादमी की अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल खिलाड़ी खुशी कुमारी ने इसे सच कर दिखाया है। कभी फुटबॉल के मैदान पर देश के लिए गोल बचाने वाली खुशी अब मुंबई में इनकम टैक्स विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगी। खेल कोटे से सरकारी नौकरी हासिल कर खुशी ने न केवल अपने परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि क्षेत्र के उन युवा खिलाड़ियों को भी नई उम्मीद दी है, जो खेल को अपना करियर बनाना चाहते हैं।
स्वर्गीय सीताराम पासी एवं प्रभावती देवी की सबसे छोटी संतान खुशी ने रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स अकादमी में प्रशिक्षण लेकर अपने खेल को निखारा। सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार अभ्यास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ने उन्हें स्थानीय मैदान से अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल तक पहुंचाया। उन्होंने भारतीय टीम की गोलकीपर के रूप में देश का प्रतिनिधित्व किया और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी।
अकादमी के निदेशक एवं खुशी के प्रशिक्षक संजय पाठक ने बताया कि खुशी ने 2023 में जॉर्डन और थाईलैंड में आयोजित SAFF अंडर-17 महिला फुटबॉल चैंपियनशिप में भारतीय टीम की गोलकीपर के रूप में हिस्सा लिया। इसके बाद 2024 में बांग्लादेश के ढाका में आयोजित SAFF अंडर-19 महिला फुटबॉल चैंपियनशिप में भी भारतीय टीम का हिस्सा बनीं और भारत को स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। खुशी की सफलता यह संदेश देती है कि खेल केवल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सम्मानजनक करियर और सरकारी नौकरी का रास्ता भी खोल सकता है। आज खेल कोटे के माध्यम से प्रतिभावान खिलाड़ियों को विभिन्न सरकारी विभागों और संस्थानों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। खुशी की उपलब्धि उन अभिभावकों के लिए भी संदेश है, जो बच्चों को खेल में भविष्य बनाने से रोकते हैं।
संजय पाठक ने बताया कि रानी लक्ष्मीबाई स्पोर्ट्स अकादमी के करीब डेढ़ दर्जन खिलाड़ी खेल कोटे से बिहार सरकार, केंद्र सरकार और अर्धसैनिक बलों में नौकरी हासिल कर चुके हैं। उन्होंने युवा खिलाड़ियों से कहा कि हार से घबराने के बजाय रोज मैदान पर मेहनत करें। प्रतिभा को अनुशासन, नियमित अभ्यास और सही मार्गदर्शन मिले तो गांव-कस्बे का खिलाड़ी भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकता है।
खुशी के चयन पर आईएमए सीवान के अध्यक्ष डॉ. शशिभूषण सिन्हा, सचिव डॉ. शरद चौधरी, डॉ. सत्य प्रकाश, डॉ. राजन कल्याण सिंह, डॉ. अशोक कुमार, डॉ. रामजी चौधरी, डॉ. रीता सिन्हा, डॉ. संगीता चौधरी, डॉ. आरती रानी पांडेय, डॉ. विनय कुमार पांडेय, डॉ. इंद्र मोहन, डॉ. शंकर सिंह, अकादमी के मुख्य संरक्षक डॉ. आरएन ओझा, निदेशक राजीव लोचन मिश्रा, डॉ. अलख निरंजन पांडेय सहित खेल प्रेमियों ने बधाई दी। खुशी की कहानी उन युवाओं के लिए संदेश है—मैदान में पसीना बहाइए, लक्ष्य तय कीजिए और लगातार आगे बढ़ते रहिए; सफलता एक दिन जरूर दस्तक देगी।







