डेस्क : पटना के जेपी गंगा पथ स्थित मरीन ड्राइव गोलंबर का नाम पद्म भूषण श्रद्धेय रामविलास पासवान के नाम पर रखने और वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग तेज हो गई है। इस मांग को लेकर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की।
लोजपा (रामविलास) के सांसद और बिहार प्रभारी अरुण भारती, प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक और राष्ट्रीय महासचिव एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी धीरेंद्र कुमार मुन्ना ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर गोलंबर का नाम ‘पद्म भूषण श्रद्धेय रामविलास पासवान गोलंबर’ रखने का आग्रह किया।
पार्टी नेताओं ने मरीन ड्राइव गोलंबर पर रामविलास पासवान की भव्य आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी रखी। नेताओं का कहना है कि मरीन ड्राइव बिहार के विकास और बदलती तस्वीर का प्रतीक बन चुका है। ऐसे महत्वपूर्ण स्थल पर रामविलास पासवान की स्मृति को स्थायी रूप देना उनके सार्वजनिक जीवन और योगदान के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
अरुण भारती ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की तस्वीरें अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर शेयर कीं। उन्होंने कहा कि रामविलास पासवान ने करीब पांच दशकों तक गरीबों, दलितों और पिछड़ों के अधिकार एवं सम्मान के लिए संघर्ष किया।
अरुण भारती के मुताबिक, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने उनकी मांग को गंभीरता से सुना। उन्होंने उम्मीद जताई कि बिहार सरकार इस प्रस्ताव पर सकारात्मक फैसला लेगी।
इससे पहले लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान भी 31 अगस्त को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिख चुके हैं। चिराग ने पत्र के जरिए मरीन ड्राइव स्थित गोलंबर का नाम रामविलास पासवान के नाम पर रखने और वहां उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की थी।
बता दें कि रामविलास पासवान 9 बार लोकसभा और 2 बार राज्यसभा के सदस्य रहे। उन्होंने 6 प्रधानमंत्रियों के मंत्रिमंडल में केंद्रीय मंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभाली। उनके सार्वजनिक जीवन और राष्ट्र के प्रति योगदान को देखते हुए उन्हें मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।
