डेस्क : पटना में BSSC परीक्षा में हो रही देरी के खिलाफ मंगलवार को बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। परीक्षा के लिए आवेदन किए करीब तीन साल बीत जाने के बावजूद अब तक परीक्षा आयोजित नहीं होने से नाराज छात्र सड़क पर उतर आए।
प्रदर्शन की शुरुआत गांधी मैदान के गेट नंबर-12 से हुई। भारी बारिश के बावजूद अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर डटे रहे। कई छात्रों के हाथों में तिरंगा भी नजर आया।
बैरिकेडिंग पर चढ़े छात्र, पुलिस ने रोका रास्ता
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की। इस दौरान कुछ अभ्यर्थी बैरिकेडिंग पर चढ़ गए।
गांधी मैदान से आगे बढ़ने के बाद छात्र जेपी गोलंबर की ओर पहुंचे। यहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद कुछ अभ्यर्थियों ने वैकल्पिक रास्ते से आगे बढ़ने की कोशिश की।
फ्लाईओवर पर भी पुलिस ने की बैरिकेडिंग
छात्रों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए फ्लाईओवर पर भी पुलिस की ओर से बैरिकेडिंग की गई। रास्ते को रस्सियों से घेरकर अभ्यर्थियों को रोकने की कोशिश की गई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति भी देखने को मिली।
प्रदर्शन को देखते हुए डाकबंगला चौराहा, आर ब्लॉक समेत राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई।
मुख्यमंत्री आवास और विधानसभा की ओर बढ़ने की कोशिश
प्रदर्शनकारी अभ्यर्थी अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने के लिए विधानसभा और मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ना चाहते थे। पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर उन्हें रोकने का प्रयास किया।
कुछ प्रदर्शनकारी गर्दनीबाग के पास रेलवे ट्रैक तक भी पहुंच गए। पुलिस लगातार छात्रों को नियंत्रित करने और उन्हें निर्धारित स्थान पर रोकने की कोशिश करती रही।
तीन साल से परीक्षा का इंतजार, अभ्यर्थियों में नाराजगी
अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने BSSC परीक्षा के लिए करीब तीन साल पहले आवेदन किया था, लेकिन अब तक परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। लंबे समय से परीक्षा की तारीख का इंतजार कर रहे छात्रों का कहना है कि देरी के कारण उनकी तैयारी और करियर दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
अभ्यर्थियों ने सरकार से परीक्षा की प्रक्रिया को जल्द आगे बढ़ाने और परीक्षा की स्पष्ट तारीख घोषित करने की मांग की है।
बारिश भी नहीं रोक पाई छात्रों का आंदोलन
पटना में प्रदर्शन के दौरान तेज बारिश हो रही थी, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आंदोलन में शामिल रहे। छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर इंतजार कर रहे हैं और अब मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा है।
