पटना : जनता दल यूनाइटेड (JDU) संगठन और अपने जनप्रतिनिधियों की कार्यशैली में बदलाव की तैयारी में जुटा है। पार्टी की आगामी बैठक में विधायकों और नेताओं को बदलते राजनीतिक माहौल के अनुरूप काम करने के तरीके बताए जाने की चर्चा है। जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने संकेत दिया है कि अब राजनीति के पुराने तौर-तरीकों के बजाय आधुनिक और व्यवस्थित तरीके अपनाने पर जोर दिया जाएगा।
‘लाठी में तेल लगाने’ वाली राजनीति से आगे बढ़ने की बात
संजय झा ने कहा कि अब केवल पारंपरिक राजनीतिक तौर-तरीकों के भरोसे राजनीति नहीं की जा सकती। पार्टी अपने विधायकों को जनता से बेहतर संवाद, क्षेत्रीय मुद्दों की समझ और आधुनिक राजनीतिक प्रबंधन के बारे में प्रशिक्षित करने की दिशा में काम कर रही है।
उनके बयान में ‘लाठी में तेल लगाने वाली राजनीति’ का संदर्भ पुराने दौर की आक्रामक और पारंपरिक राजनीतिक शैली से जोड़ा गया है। पार्टी अब इसके बजाय नए दौर की तकनीक और व्यवस्थित रणनीति पर ध्यान देना चाहती है।
दिल्ली से विशेषज्ञ देंगे प्रशिक्षण
जानकारी के अनुसार, विधायकों और पार्टी नेताओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। इसमें दिल्ली से विशेषज्ञों को बुलाकर जनप्रतिनिधियों को आधुनिक राजनीतिक संचार, सोशल मीडिया, जनता से संवाद और क्षेत्रीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने जैसे विषयों पर जानकारी दी जाएगी।
संगठन को मजबूत करने पर भी जोर
जदयू की बैठकों में संगठन के विस्तार और पार्टी की गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। जून 2026 में हुई राष्ट्रीय और राज्य परिषद की बैठकों में भी संगठन के विस्तार तथा दूसरे राज्यों में पार्टी की गतिविधियां बढ़ाने की बात सामने आई थी।
पार्टी नेतृत्व की ओर से यह भी कहा गया है कि बदलते राजनीतिक परिवेश में संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना जरूरी है। ऐसे में आगामी बैठकों में विधायकों की भूमिका और उनके प्रशिक्षण पर विशेष चर्चा होने की संभावना है।
विधायकों की कार्यशैली में बदलाव की तैयारी
जदयू की इस पहल का उद्देश्य विधायकों को केवल विधानसभा की राजनीति तक सीमित रखने के बजाय अपने क्षेत्र में लगातार सक्रिय रहने, जनता की समस्याओं को बेहतर तरीके से उठाने और आधुनिक संचार माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल करने के लिए तैयार करना बताया जा रहा है।
