डेस्क : बिहार में सड़क और रेल नेटवर्क के साथ अब छोटे शहरों और दूरदराज के इलाकों को हवाई संपर्क से जोड़ने की दिशा में भी काम तेज किया जा रहा है। राज्य के 13 आकांक्षी जिलों में हेलीपोर्ट विकसित करने की योजना बनाई गई है। यह पहल केंद्र की संशोधित उड़ान (Modified UDAN) योजना के तहत आगे बढ़ाई जा रही है।
13 जिलों में विकसित होंगे हेलीपोर्ट
प्रस्तावित योजना में बिहार के निम्न 13 जिलों को शामिल किया गया है:
- अररिया
- औरंगाबाद
- बांका
- बेगूसराय
- गया
- जमुई
- कटिहार
- खगड़िया
- मुजफ्फरपुर
- नवादा
- पूर्णिया
- सीतामढ़ी
- शेखपुरा
इन जिलों में हेलीपोर्ट विकसित होने से भविष्य में हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन का रास्ता खुल सकता है।
केंद्र और राज्य मिलकर करेंगे काम
योजना को लागू करने के लिए नागर विमानन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और बिहार सरकार के बीच समझौते की प्रक्रिया प्रस्तावित है। इसके जरिए हवाई संपर्क से जुड़ी परियोजनाओं में केंद्र और राज्य की जिम्मेदारियां तय की जाएंगी।
कम यात्री वाले रूट पर भी मिल सकती है हवाई सेवा
संशोधित उड़ान योजना के तहत ऐसे हवाई मार्गों पर भी सेवा शुरू करने में सहायता दी जा सकती है, जहां शुरुआती दौर में यात्रियों की संख्या कम रहने की संभावना हो। सरकार की ओर से आर्थिक सहायता मिलने से विमानन कंपनियों के लिए ऐसे रूट पर सेवा शुरू करना आसान हो सकता है।
पर्यटन और आपातकालीन सेवाओं को भी फायदा
हेलीपोर्ट का इस्तेमाल केवल यात्री सेवा तक सीमित नहीं रहेगा। इनका उपयोग पर्यटन, आपातकालीन राहत-बचाव और बेहतर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिए भी किया जा सकता है। छोटे शहरों और आकांक्षी जिलों के हवाई नेटवर्क से जुड़ने पर स्थानीय व्यापार और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
बिहार में पहले से शुरू हो चुका है हेली-टूरिज्म
गौरतलब है कि बिहार में हेली-टूरिज्म की दिशा में पहले ही कदम उठाया जा चुका है। बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 के तहत जुलाई 2026 में सेवा शुरू की गई थी। शुरुआती चरण में पटना, राजगीर, वाल्मीकिनगर और मां मुंडेश्वरी जैसे पर्यटन स्थलों को जोड़ा गया है।
