पटना : बिहार के अंचल कार्यालयों की कार्यप्रणाली अब हाईटेक निगरानी व्यवस्था से जोड़ी जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने राज्य के सभी 537 अंचल कार्यालयों में हाईटेक CCTV कैमरे लगाने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य कार्यालयों में पारदर्शिता बढ़ाने, कामकाज की निगरानी करने और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
2MP के ऑडियो-वीडियो कैमरे होंगे
विभाग के निर्देश के अनुसार अंचल कार्यालयों में 2 मेगापिक्सल के IP कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें बुलेट और डोम दोनों तरह के कैमरे शामिल होंगे। कैमरों में कलर वीडियो के साथ ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा भी होगी।
इससे कार्यालय में होने वाली गतिविधियों की स्पष्ट रिकॉर्डिंग उपलब्ध रहेगी और जरूरत पड़ने पर पुराने फुटेज की जांच की जा सकेगी।
30 दिन तक सुरक्षित रहेगा CCTV फुटेज
प्रत्येक अंचल कार्यालय में 16 चैनल का NVR लगाया जाएगा। इसके साथ 6TB की सर्विलांस हार्ड डिस्क होगी, जिसमें कम से कम 30 दिनों की रिकॉर्डिंग सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा।
किसी शिकायत, जांच या विवाद की स्थिति में संबंधित अवधि का CCTV फुटेज देखा जा सकेगा।
पटना से होगी अंचल कार्यालयों की निगरानी
CCTV सिस्टम को BSWAN या हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। इसके माध्यम से पटना स्थित सेंट्रल कमांड सेंटर से अंचल कार्यालयों की निगरानी की जा सकेगी।
इसके अलावा जिलाधिकारी, अपर समाहर्ता और संबंधित एसडीओ/डीसीएलआर मोबाइल ऐप के माध्यम से लाइव CCTV फीड देख सकेंगे। अंचल अधिकारी भी अपने मोबाइल से कार्यालय के कैमरों की निगरानी कर सकेंगे।
हर अंचल के लिए 1.25 लाख रुपये की सीमा
CCTV व्यवस्था के लिए प्रत्येक अंचल कार्यालय पर अधिकतम 1.25 लाख रुपये खर्च करने की सीमा तय की गई है। राज्य स्तर पर जिलों को इसके लिए करीब 6.71 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।
इस व्यवस्था में POE स्विच, CAT-6A केबल, LED स्क्रीन, रैक और अन्य जरूरी उपकरण भी शामिल होंगे। लगाए जाने वाले उपकरणों पर कम से कम दो वर्ष की वारंटी और सर्विस का प्रावधान रहेगा।
पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
सरकार का लक्ष्य अंचल कार्यालयों में राजस्व संबंधी कार्यों की निगरानी को मजबूत करना है। CCTV और रिमोट मॉनिटरिंग की व्यवस्था लागू होने के बाद कार्यालयों की गतिविधियों की नियमित निगरानी संभव होगी और शिकायतों की जांच के लिए रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा।







