पटना: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने वाली महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का काम आगे बढ़ रहा है। करीब 282 किलोमीटर लंबे इस छह लेन एक्सप्रेसवे को तेज रफ्तार यातायात को ध्यान में रखकर डिजाइन किया जा रहा है। परियोजना में वाहनों की अधिकतम डिजाइन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक प्रस्तावित है। हालांकि वास्तविक ड्राइविंग स्पीड ट्रैफिक, मौसम और लागू यातायात नियमों पर निर्भर करेगी।
282 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे का कॉरिडोर हाजीपुर के मीरनगर से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा और मधेपुरा होते हुए पूर्णिया जिले के डगरूआ यानी हंसदह तक पहुंचने की योजना है।
छह लेन वाले इस ग्रीनफील्ड कॉरिडोर का उद्देश्य बिहार के उत्तर-पूर्वी हिस्से को तेज और बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है। परियोजना पूरी होने के बाद पटना और पूर्णिया के बीच सड़क यात्रा में समय की बचत होने की उम्मीद है।
21 बड़े और 140 छोटे पुल होंगे
एक्सप्रेसवे के निर्माण में सड़क के साथ कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किए जाएंगे। करीब 282 किलोमीटर के रूट पर 21 बड़े पुल और 140 छोटे पुल प्रस्तावित हैं।
इसके अलावा 11 रेलवे ओवरब्रिज, 21 इंटरचेंज और 322 अंडरपास बनाए जाने की योजना है। इन संरचनाओं के जरिए स्थानीय सड़कों और रेलवे लाइनों को एक्सप्रेसवे के नीचे या ऊपर से सुरक्षित तरीके से पार कराया जाएगा।
6 जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया
परियोजना के लिए छह जिलों में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। निर्माण पूरा होने के बाद बिहार के कई हिस्सों को तेज रफ्तार सड़क नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलेगी।
बेहतर कनेक्टिविटी का असर यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई और कारोबार से जुड़े वाहनों पर भी पड़ सकता है। एक्सप्रेसवे को राज्य के दूसरे प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की भी योजना है।
आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा कॉरिडोर
वैशाली के पास पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे को आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने की योजना है। दोनों प्रमुख सड़क परियोजनाओं के बीच कनेक्टिविटी बनने से बिहार के विभिन्न हिस्सों के बीच सड़क संपर्क को और विस्तार मिल सकता है।
उत्तर बिहार के कई जिलों के लिए इस कनेक्शन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे लंबी दूरी की यात्रा के लिए वैकल्पिक और तेज सड़क मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।
पूर्णिया एयरपोर्ट तक सीधी कनेक्टिविटी
पूर्णिया जिले में एक्सप्रेसवे की भूमिका और महत्वपूर्ण हो सकती है। यहां आठ इंटरचेंज प्रस्तावित हैं। इसके साथ ही पूर्णिया एयरपोर्ट को एक्सप्रेसवे से सीधे जोड़ने की योजना है।
एयरपोर्ट तक बेहतर सड़क संपर्क होने से आसपास के क्षेत्रों से यात्रियों की आवाजाही आसान हो सकती है। कारोबार और पर्यटन से जुड़े लोगों के लिए भी यह कनेक्टिविटी उपयोगी हो सकती है।
2028 तक पूरा करने का लक्ष्य
NHAI की योजना के अनुसार पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना पूरी होने पर करीब 282 किलोमीटर लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे तैयार होगा।
इसमें बड़े और छोटे पुलों के अलावा रेलवे ओवरब्रिज, इंटरचेंज और अंडरपास जैसी कई महत्वपूर्ण संरचनाएं शामिल होंगी। परियोजना निर्धारित समयसीमा के अनुसार पूरी होने पर पटना से पूर्णिया के बीच यात्रा का समय मौजूदा मार्ग की तुलना में काफी कम होने की उम्मीद है।
