पटना : बिहार में टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार की कोशिशें तेज हो गई हैं। उद्योग विभाग के अनुसार, ताइवान और दक्षिण कोरिया की कंपनियों ने बिहार में सेमीकंडक्टर, आईटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं में रुचि दिखाई है। हालांकि, इसे फिलहाल निवेश में रुचि के तौर पर देखा जा रहा है; किसी खास कंपनी के अंतिम निवेश की घोषणा अलग से नहीं हुई है।
नई औद्योगिक नीति से हाईटेक सेक्टर पर जोर
बिहार सरकार नई औद्योगिक नीति और औद्योगिक आधारभूत ढांचे के जरिए टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों को आकर्षित करने पर जोर दे रही है। उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा है कि राज्य में औद्योगिक विकास के लिए नया वातावरण तैयार किया जा रहा है।
सरकार का फोकस ऐसे क्षेत्रों पर है, जिनमें भविष्य में तकनीक और विनिर्माण की मांग बढ़ने की संभावना है। इसमें सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और AI प्रमुख क्षेत्र हैं।
SEMICON India 2026 में बिहार ने पेश की संभावनाएं
दिल्ली में 17 से 19 सितंबर तक आयोजित SEMICON India 2026 में बिहार के उद्योग विभाग ने राज्य में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से जुड़े निवेश अवसरों को सामने रखा। प्रतिनिधिमंडल ने निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संभावित निवेश और तकनीकी सहयोग पर चर्चा की।
उद्योग विभाग के सचिव कुंदन कुमार ने कार्यक्रम के दौरान बिहार में टेक्नोलॉजी आधारित उद्योगों की संभावनाओं को रेखांकित किया। विभाग का उद्देश्य वैश्विक कंपनियों के साथ संपर्क बढ़ाना और राज्य में निवेश के अवसर तैयार करना है।
सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स पर विशेष फोकस
बिहार में सेमीकंडक्टर से जुड़े निर्माण, असेंबली और डिजाइन जैसी गतिविधियों के लिए इकोसिस्टम विकसित करने की कोशिश की जा रही है। बोधगया में प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर और वैशाली के राजापाकर में इलेक्ट्रॉनिक सिटी जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट इस दिशा में महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर भी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश बढ़ाने की कोशिश जारी है। केंद्र सरकार के अनुसार Semicon 2.0 के तहत करीब एक लाख करोड़ रुपये के निवेश कमिटमेंट सामने आए हैं और पूरे इकोसिस्टम में करीब एक लाख नए रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई है।
बिहार में बदल सकता है औद्योगिक परिदृश्य
ताइवान और दक्षिण कोरिया की कंपनियों की संभावित रुचि से बिहार में हाईटेक उद्योगों के लिए नए अवसर बन सकते हैं। यदि प्रस्तावित निवेश आगे बढ़ते हैं, तो सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और AI से जुड़े उद्योगों के लिए राज्य में नई औद्योगिक गतिविधियां विकसित हो सकती हैं।
फिलहाल राज्य सरकार का जोर वैश्विक कंपनियों के साथ संपर्क बढ़ाने, नीतिगत सुविधाएं उपलब्ध कराने और टेक्नोलॉजी आधारित विनिर्माण के लिए जरूरी आधारभूत ढांचा तैयार करने पर है।







