भागलपुर : तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय में प्रशासनिक लचरता, ढुलमुल रवैये और छात्र-छात्राओं से जुड़ी मूलभूत समस्याओं के खिलाफ अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है।
मंगलवार को अभाविप के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ रामाशीष पुर्वे से मुलाकात की और छात्रों की गंभीर समस्याओं से संबंधित एक 12 सूत्री मांग पत्र सौंपा। संगठन ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि अगले 5 दिनों के भीतर इन मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो विश्वविद्यालय में एक बड़ा उग्र आंदोलन खड़ा किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
कुलसचिव को सौंपे गए 12 सूत्री ज्ञापन में विश्वविद्यालय की बदहाल व्यवस्था को सुधारने की मांग की गई है। अभाविप नेताओं ने मुख्य रूप से महिला छात्रावासों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, परिसर में असामाजिक तत्वों के प्रवेश पर रोक लगाने, कैंपस और हॉस्टलों में शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा नियमित रूप से वर्ग संचालन शुरू करने की मांग उठाई है। इसके अलावा, विभिन्न सत्रों के लंबित परीक्षा परिणामों को जल्द से जल्द घोषित करने और अंक पत्रों की त्रुटियों को दूर करने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी जोर दिया गया है।
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने कहा कि टीएमबीयू प्रशासन की लापरवाही के कारण आम छात्रों का भविष्य अधर में लटका हुआ है। प्रशासनिक अधिकारी समस्याओं के समाधान के बजाय केवल आश्वासन देने का काम करते हैं। अभाविप ने साफ किया है कि इस बार छात्र आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। यदि 5 दिनों के भीतर 12 सूत्री मांगों पर अमल शुरू नहीं हुआ, तो परिषद के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय का चक्का जाम करेंगे और तालाबंदी के लिए बाध्य होंगे।
ज्ञापन सौंपने के बाद कुलसचिव ने अभाविप के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उठाए गए मुद्दे अत्यंत संवेदनशील और छात्रहित से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन इन मांगों पर गंभीरता से विचार कर रहा है और निर्धारित समय सीमा के भीतर उचित कदम उठाए जाएंगे ताकि शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाया जा सके। इस दौरान प्रदेश सह मंत्री कुणाल पांडेय और जिला संयोजक पियूष भरती ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। इस दौरान जिला विस्तारक राजीव रंजन कुमार, विभाग संयोजक सूर्य प्रताप, किशन सोनी, अमन राय, राजा यादव, नीरज भगत और ऋषि महतो सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
