पटना : बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए होने वाले ड्राइविंग टेस्ट की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अब उम्मीदवारों का ड्राइविंग टेस्ट तय किए गए ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर कराने की तैयारी है। राज्य के 32 जिलों में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। फिलहाल पटना और औरंगाबाद में तैयार ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट लिया जा रहा है। बाकी जिलों में भी जल्द इस व्यवस्था को लागू करने की तैयारी चल रही है।
32 जिलों में तैयार हो चुका है ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक
परिवहन विभाग के अनुसार मोतिहारी, पूर्णिया, बांका, नवादा, भागलपुर, कैमूर, दरभंगा, किशनगंज, नालंदा, शिवहर, समस्तीपुर और जहानाबाद में ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तैयार हो चुके हैं।
इसके अलावा सीतामढ़ी, रोहतास, मुंगेर, शेखपुरा, जमुई, बेतिया, बक्सर, अररिया, वैशाली और लखीसराय में भी ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। खगड़िया, सारण, मधेपुरा, गया, गोपालगंज, सुपौल, अरवल, सहरसा और सिवान में भी ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तैयार किए गए हैं।
विभाग के मुताबिक जिन जिलों में अभी ट्रैक तैयार नहीं हुए हैं, वहां निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। काम पूरा होने के बाद संबंधित जिलों में भी तय ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट शुरू किया जाएगा।
अब तय नियमों के अनुसार होगी ड्राइविंग की जांच
नए ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक पर उम्मीदवार की सिर्फ गाड़ी चलाने की सामान्य क्षमता नहीं देखी जाएगी, बल्कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसकी ड्राइविंग स्किल की जांच होगी। उम्मीदवार को तय मार्ग पर वाहन चलाना होगा और इस दौरान अलग-अलग ड्राइविंग परिस्थितियों से गुजरना होगा।
टेस्ट के दौरान मोड़ लेने, वाहन को नियंत्रित करने, पार्किंग और अन्य जरूरी ड्राइविंग कौशल पर ध्यान दिया जाएगा। इससे यह जांचने में मदद मिलेगी कि उम्मीदवार सड़क पर वाहन को सुरक्षित और सही तरीके से संभालने में सक्षम है या नहीं।
पूरे बिहार में एक जैसी टेस्टिंग व्यवस्था की तैयारी
अलग-अलग स्थानों पर ड्राइविंग टेस्ट के तरीके में अंतर को लेकर समय-समय पर शिकायतें सामने आती रही हैं। नए टेस्टिंग ट्रैक के जरिए पूरे राज्य में ड्राइविंग टेस्ट के लिए एक समान प्रक्रिया लागू करने की कोशिश की जा रही है।
फिलहाल पटना और औरंगाबाद में तैयार ट्रैक पर उम्मीदवारों का ड्राइविंग टेस्ट लिया जा रहा है। बाकी 30 जिलों में भी ट्रैक तैयार होने के बाद इसी व्यवस्था के तहत टेस्ट शुरू करने की तैयारी है।
ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया होगी ज्यादा व्यवस्थित
परिवहन विभाग का मानना है कि निर्धारित ट्रैक पर ड्राइविंग टेस्ट होने से लाइसेंस के लिए उम्मीदवारों की क्षमता का मूल्यांकन ज्यादा व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा। साथ ही टेस्ट की प्रक्रिया में एकरूपता लाने में भी मदद मिलेगी।
जिन जिलों में अभी ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण पूरा नहीं हुआ है, वहां काम अंतिम चरण में बताया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद पूरे बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए एक समान टेस्टिंग व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया जाएगा।
