पटना : बिहार के जमुई जिले में नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी के मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जन सुराज के संस्थापक और बांकीपुर विधायक प्रशांत किशोर ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधा है। उन्होंने घटना को भयावह और विभत्स बताते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
प्रशांत किशोर ने कहा कि जब से सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री बने हैं, तब से हर सप्ताह इस तरह की घटनाएं देखने और सुनने को मिल रही हैं। उन्होंने जमुई की घटना के साथ नीट की छात्रा से जुड़ी रेप-हत्या की घटना और बेगूसराय की लड़की से जुड़ी घटना का भी जिक्र किया।
PK ने सरकार पर साधा निशाना
प्रशांत किशोर ने आरोप लगाया कि ऐसी घटनाएं सरकार के कानून-व्यवस्था से जुड़े दावों पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का दावा बिहार को अपराध मुक्त बनाने का है, लेकिन उनके अनुसार राज्य में अपराध की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय में महिलाओं और बच्चियों से जुड़ी घटनाओं को लेकर सरकार से जवाब मांगा जाना चाहिए। हालांकि, ये बातें प्रशांत किशोर के राजनीतिक आरोप हैं और सरकार की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग मौकों पर कानून-व्यवस्था को लेकर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ पर PM मोदी पर तंज
प्रशांत किशोर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारे का भी जिक्र किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अब इस नारे में एक और बात जोड़ने का समय आ गया है- ‘खुद ही अपनी बेटी को पढ़ाओ और खुद ही अपनी बेटी को बचाओ।’
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारों को बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को लेकर जवाबदेह होना चाहिए। PK के इस बयान को लेकर भी बिहार की राजनीति में प्रतिक्रिया तेज होने की संभावना है।
जमुई मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी
जमुई मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी नंदन यादव कार्रवाई के दौरान घायल हुआ और उसे गिरफ्तार किया गया।
घटना को लेकर विपक्षी दलों की ओर से सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि सरकार की ओर से दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कहा है कि अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
