डेस्क : क्या आपके नाम और दस्तावेजों पर कोई ऐसा मोबाइल नंबर चल रहा है, जिसे आपने कभी लिया ही नहीं? अगर हां, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने मोबाइल कनेक्शन के गलत इस्तेमाल को लेकर लोगों को सतर्क किया है। हाल ही में विभाग ने एक मामले में ऐसे SIM कनेक्शनों का पता लगाया, जिन्हें लोगों के दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उनकी जानकारी के बिना एक्टिव किया गया था।
ऐसे में मोबाइल यूजर्स के लिए यह जानना जरूरी है कि उनके नाम पर कितने SIM एक्टिव हैं। इसके लिए सरकार का Sanchar Saathi पोर्टल और उसका TAFCOP (Telecom Analytics for Fraud Management and Consumer Protection) फीचर मददगार है।
अपने नाम पर कितने SIM एक्टिव हैं, ऐसे करें पता
आप कुछ आसान स्टेप्स में अपने नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की जानकारी ऑनलाइन देख सकते हैं।
स्टेप 1: सबसे पहले Sanchar Saathi पोर्टल पर जाएं।
स्टेप 2: वहां TAFCOP / Know Your Mobile Connections सेवा चुनें।
स्टेप 3: अपना 10 अंकों का मोबाइल नंबर दर्ज करें और कैप्चा पूरा करें।
स्टेप 4: आपके मोबाइल नंबर पर OTP आएगा। OTP डालकर लॉगिन करें।
स्टेप 5: इसके बाद स्क्रीन पर आपके नाम पर जारी मोबाइल कनेक्शनों की सूची दिखाई देगी।
अब सूची में मौजूद प्रत्येक नंबर को ध्यान से जांचें और देखें कि सभी कनेक्शन आपके ही हैं या नहीं। Sanchar Saathi की TAFCOP सुविधा का उद्देश्य ही लोगों को अपने नाम पर जारी कनेक्शनों की जानकारी देना और संदिग्ध या अनावश्यक कनेक्शन की रिपोर्ट करने की सुविधा उपलब्ध कराना है।
अनजान नंबर दिखाई दे तो क्या करें?
अगर सूची में ऐसा मोबाइल नंबर दिखाई देता है जिसे आपने कभी इस्तेमाल नहीं किया या आपके नाम पर जारी नहीं कराया है, तो उसे नजरअंदाज न करें।
Sanchar Saathi पर संबंधित नंबर के लिए उपलब्ध विकल्पों के माध्यम से आप उसे ‘Not My Number’ या जरूरत के अनुसार ‘Not Required’ के तौर पर रिपोर्ट कर सकते हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित कनेक्शन का दोबारा सत्यापन किया जा सकता है और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
फर्जी SIM से क्यों बढ़ सकता है खतरा?
मोबाइल नंबर आज बैंकिंग, UPI, सोशल मीडिया और कई दूसरी डिजिटल सेवाओं से जुड़े होते हैं। अगर किसी व्यक्ति के नाम पर किसी दूसरे व्यक्ति ने SIM हासिल कर लिया और उसका इस्तेमाल साइबर अपराध या धोखाधड़ी में किया गया, तो दस्तावेजों के वास्तविक मालिक को भी अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
हाल ही में DoT ने ऐसे ही एक मामले का उल्लेख किया, जिसमें एक PoS एजेंट ने नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल कर 25 मोबाइल कनेक्शन एक्टिव किए थे। विभाग और टेलीकॉम कंपनियों ने संबंधित एजेंट को ब्लैकलिस्ट किया और जिन नंबरों का दोबारा सत्यापन नहीं हुआ, उन्हें डीएक्टिवेट किया गया।
SIM से जुड़े नियमों को हल्के में न लें
दूरसंचार से जुड़े नियमों के तहत फर्जी तरीके से SIM जारी करना, टेलीकॉम पहचान का दुरुपयोग करना या IMEI से छेड़छाड़ करना दंडनीय हो सकता है। DoT ने 21 सितंबर 2026 को नागरिकों से Sanchar Saathi के जरिए अपने मोबाइल कनेक्शनों और हैंडसेट की जानकारी सत्यापित करने की अपील भी की है। विभाग के मुताबिक कुछ मामलों में ऐसे उल्लंघनों पर तीन साल तक की सजा और ₹50 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान लागू हो सकता है।
हर मोबाइल यूजर को समय-समय पर करनी चाहिए जांच
अगर आपने पिछले कुछ वर्षों में कई SIM लिए हैं, कोई पुराना नंबर बंद कराया है या अपने दस्तावेजों से किसी परिवार के सदस्य के लिए कनेक्शन लिया है, तो एक बार Sanchar Saathi पर जाकर पूरी सूची जरूर जांच लें।
