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DNA के विशाल डेटाबेस में AI ने खोजा नया एंजाइम सिस्टम, CRISPR जैसी दिखी संरचना; वैज्ञानिक भी हैरान

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डेस्क : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब सिर्फ सवालों के जवाब देने या कंटेंट तैयार करने तक सीमित नहीं रह गया है। AI का इस्तेमाल वैज्ञानिक अनुसंधान में भी तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अमेरिकी AI कंपनी Anthropic ने दावा किया है कि उसके AI मॉडल Claude ने DNA के विशाल डेटाबेस का विश्लेषण करते हुए एक नए एंजाइम सिस्टम की पहचान करने में मदद की है। इस सिस्टम में कुछ ऐसी विशेषताएं हैं, जो जीन एडिटिंग की चर्चित तकनीक CRISPR से मिलती-जुलती हैं।

Claude ने कैसे खोजा नया सिस्टम?

Anthropic की टीम ने Claude को बड़ी संख्या में DNA सीक्वेंस और रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज (RT) से जुड़े डेटा का अध्ययन करने का काम दिया था। रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज ऐसे एंजाइम होते हैं, जो RNA से DNA की कॉपी बनाने में सक्षम होते हैं।

Claude के कई AI एजेंटों ने इस विशाल डेटासेट को खंगाला। करीब 21 घंटे के विश्लेषण में लगभग 950 एजेंटों ने 210 मिलियन टोकन का इस्तेमाल किया। इस प्रक्रिया के दौरान AI ने एक असामान्य DNA पैटर्न पर ध्यान दिया, जो एक विशेष रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज के पास मौजूद था।

क्या है ART?

Anthropic ने इस नए सिस्टम को Array-associated Reverse Transcriptases (ART) नाम दिया है। यह सिस्टम मुख्य रूप से बैक्टीरिया को संक्रमित करने वाले वायरस यानी बैक्टीरियोफेज में पाया गया है।

ART सिस्टम में तीन प्रमुख हिस्से दिखाई देते हैं- एक रिवर्स ट्रांसक्रिप्टेज, उसके पास मौजूद एक पार्टनर जीन और लंबे DNA रिपीट सीक्वेंस की एक एरे।

इन DNA रिपीट्स की व्यवस्था कुछ हद तक CRISPR में पाए जाने वाले रिपीट पैटर्न जैसी दिखाई देती है। शुरुआती प्रयोगों में यह भी संकेत मिला है कि ART की DNA एरे अलग-अलग छोटे RNA में व्यक्त हो सकती है। हालांकि, इसका वास्तविक जैविक कार्य अभी स्पष्ट नहीं है।

क्या यह नया CRISPR है?

इसे सीधे तौर पर नया CRISPR कहना अभी सही नहीं होगा। Anthropic के मुताबिक ART में CRISPR जैसी कुछ संरचनात्मक विशेषताएं जरूर दिखाई देती हैं, लेकिन वैज्ञानिक अभी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह सिस्टम वास्तव में किस काम आता है।

यानी फिलहाल यह CRISPR का विकल्प नहीं, बल्कि एक ऐसा नया जैविक सिस्टम है जिसकी संभावनाओं और कार्यप्रणाली पर आगे रिसर्च की जानी है।

खास बात यह है कि AI ने क्या किया?

इस खोज में Claude ने किसी वैज्ञानिक की जगह पूरी तरह काम नहीं किया। AI ने विशाल DNA डेटाबेस में पैटर्न तलाशने, अलग-अलग RT परिवारों की तुलना करने और संभावित उम्मीदवारों को छांटने में मदद की।

Anthropic के अनुसार Claude ने 2 लाख से अधिक RTs को इकट्ठा किया, करीब 3,500 संभावित सिस्टम की पहचान की और उन्हें आगे विश्लेषण के लिए सीमित किया। अंत में करीब 20 प्रमुख उम्मीदवारों पर अधिक गहन अध्ययन किया गया।

वैज्ञानिकों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह खोज?

जीव विज्ञान में कई महत्वपूर्ण खोजें ऐसे असामान्य पैटर्न को पहचानने से हुई हैं, जिन्हें शुरुआत में वैज्ञानिकों ने केवल DNA में एक विचित्र संरचना के रूप में देखा था। CRISPR की शुरुआती पहचान भी बैक्टीरिया के DNA में असामान्य रिपीट सीक्वेंस के रूप में हुई थी।

अब AI बड़े पैमाने पर ऐसे DNA पैटर्न खोजने में वैज्ञानिकों की मदद कर सकता है, जिन्हें इंसानी शोधकर्ताओं के लिए मैन्युअली पहचानना काफी समय लेने वाला काम हो सकता है।

हालांकि ART की वास्तविक भूमिका और भविष्य में इसके संभावित जैव-प्रौद्योगिकी उपयोग को लेकर अभी कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला गया है। इस दिशा में आगे प्रयोग और शोध जारी है।

AI और बायोलॉजी का नया दौर?

Anthropic ने इस शोध के साथ अपनी नई life sciences research group और laboratory की शुरुआत की जानकारी भी दी है। कंपनी का लक्ष्य AI की मदद से DNA डेटाबेस का विश्लेषण, नई जैविक प्रणालियों की पहचान और वैज्ञानिकों के लिए नई परिकल्पनाएं तैयार करना है।

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